Description
Gyan Ki Rajneeti – Manindra Nath Thakur
समाज अध्ययन के ज्ञान को यदि मुक्तिकामी होना है तो फिर जीवन के अलग-अलग आयामों के अन्तरसम्बन्धों से जोड़कर एक पूर्णता की कल्पना करनी होगी। इसके लिए मनुष्य की अवधारणा को पुनः परिभाषित करने की जरूरत है। पश्चिम के जिस आधुनिक चिन्तन के आधार पर समाज अध्ययन का महल टिका है उसके मूल में ही एक गम्भीर समस्या है। उस चिन्तन में मनुष्य को केवल एक विवेकशील प्राणी तो मान लिया गया है, लेकिन उसके स्वभाव के अन्य आयाम विश्लेषण से बाहर रह जाते हैं। कोई चिन्तक उसे स्वभाव से अच्छा मानता है तो कोई बुरा और अपनी इसी मान्यता पर सम्पूर्ण समाज की परिकल्पना कर डालता है। समस्या है कि मनुष्य एकसाथ ही सब कुछ है। उसमें विवेक भी है, भावुकता भी है, विवेकहीनता भी है, वह अच्छा भी है, बुरा भी है। सवाल उठता है कि क्या उनमें से कोई ग़लत है या मनुष्य में एकसाथ ही सभी गुण पाये जाते हैं और इन विद्वानों में एकाकी होने का दोष है। मेरा मानना है कि मनुष्य के स्वभाव की जटिलता को समझने के लिए हमें भारतीय दर्शन से काफ़ी कुछ मिल सकता है। भारतीय दर्शन में मनुष्य के स्वभाव के बहुआयामी होने की अवधारणा है।
– भूमिका से
About The Author
मणीन्द्र नाथ ठाकुर
कटिहार (बिहार) में जन्मे मणीन्द्र नाथ ठाकुर ने नेतरहाट आवासीय विद्यालय से माध्यमिक शिक्षा पूर्ण की। उच्च शिक्षा दिल्ली से।
उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय के राजनीतिशास्त्र विभाग से ‘मार्क्सवाद और धर्म’ विषय पर शोध किया; नव-धार्मिक आन्दोलन पर शोध के लिए तीन मूर्ति पुस्तकालय फेलोशिप; जाकिर हुसैन कॉलेज से अध्यापकीय जीवन की शुरुआत ।
सम्प्रति : जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय के
राजनीति अध्ययन केन्द्र में अध्यापन। इसके साथ भारतीय ज्ञान परम्परा पर अध्यापन और शोध; Foundation for Creative Social Research के संस्थापक सदस्यों में एक।

































Dr S. Ranjan –
Loved to listen you at IIC on 27.1.24
Reading and, loving the book.
Laxmikant Mishra –
Simple language,strong message
Ashu –
यह पुस्तक समाज अध्ययन के प्रश्न पर बिल्कुल नई दृष्टि देती है।पाश्चात्य और भारतीय दर्शन और उसके उपागम को लेकर सर्वथा नूतन दृष्टि से विचार किया गया।यह एक रोचक और बहस तलब पुस्तक है।
Dhirendra kumar –
‘ज्ञान की राजनीति’ सामाजिक विज्ञान और हिंदी साहित्य में समाजशास्त्रीय पद्धति को विकसित करने वाला अनूठा गद्य है।