Kitni Kam Jagahein Hain (Poems) By Seema Singh

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साथ रहकर विलग रहने का अर्थ
फूल बेहतर जानते हैं मनुष्यों से

कोमलता झुक जाती है स्वभावतः
भीतर की तरलता दिखाई नहीं देती
निर्बाध बहती है छुपी हुई नदी की तरह
स्पर्श की भाषा में फूल झर जाते हैं छूने से
सच तो यह है कि वे सह नहीं पाते
और गिर जाते हैं एक दिन
हमें फूलों से सीखनी चाहिए विदा !
– इसी पुस्तक से
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    – इसी पुस्तक से

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