Menu Close

Shop

Mangalesh Dabral Books(Combo)

855.00

Ek Sadak Ek Jagah – Manglesh Dabral (Paperback)

+
Setu Samagra Kavita : Mangalesh Dabral (Paperback)

+

Smriti Ek Dusara Samay Hai – Mangalesh Dabraal

Rs.550+180+125 = Rs.855

Offer Price Rs. 599/-

(Offer valid till 21-May-2024)

In stock

Wishlist
SKU: Mangalesh Dabral-Combo-PB Category:

Description

Mangalesh Dabral Books(Combo)
मंगलेश डबराल की पुस्तकों का कॉम्बो

manlesh-dabraal-books-combo

 

Reviews

There are no reviews yet.

Be the first to review “Mangalesh Dabral Books(Combo)”

You may also like…

  • Muktibodh Ki Jeevani Combo Set – (2 Khand) – paperbackMuktibodh Ki Jeevani Combo Set – (2 Khand) – paperback

    638.00

    यह सम्भवतः हिन्दी में किसी लेखक की सबसे लम्बी जीवनी है। इसमें सन्देह नहीं कि इस वृत्तान्त से हिन्दी के एक शीर्षस्थानीय लेखक के सृजन और विचार के अनेक नये पक्ष सामने आएँगे और कविता तथा आलोचना की कई पेचीदगियाँ समझने में मदद मिलेगी।

    मुक्तिबोध के हमारे बीच भौतिक रूप से न रहने के छः दशक पूरे होने के वर्ष में इस लम्बी जीवनी को हम, इस आशा के साथ, प्रकाशित कर रहे हैं कि वह मुक्तिबोध को फिर एक जीवन्त उपस्थिति बना सकने में सफल होगी।
    – अशोक वाजपेयी

    (15%+5% की विशेष छूट )

    अपनी प्रति सुरक्षित करते समय कूपन कोड ‘newbook’ इस्तेमाल करें और 5% की अतिरिक्त छूट का लाभ उठायें |

    Buy (2 Book Set) with 1 Click Via RazorPay (15% + 5% discount Included)

  • Bharat Se Kaise Gaya Buddh Ka Dharm By ChandrabhushanBharat Se Kaise Gaya Buddh Ka Dharm By Chandrabhushan

    Original price was: ₹395.00.Current price is: ₹336.00.

    औपनिवेशिक भारत में स्तूपों की खुदाई, शिलालेखों और पाण्डुलिपियों के अध्ययन ने बुद्ध को भारत में पुनर्जीवित किया। वरना एक समय यूरोप उन्हें मिस्त्र या अबीसीनिया का मानता था। 1824 में नियुक्त नेपाल के ब्रिटिश रेजिडेण्ट हॉजसन बुद्ध और उनके धर्म का अध्ययन आरम्भ करने वाले पहले विद्वान थे। महान बौद्ध धर्म भारत से ऐसे लुप्त हुआ जैसे वह कभी था ही नहीं। ऐसा क्यों हुआ, यह अभी भी अनसुलझा रहस्य है। चंद्रभूषण बौद्ध धर्म की विदाई से जुड़ी ऐतिहासिक जटिलताओं को लेकर इधर सालों से अध्ययन-मनन में जुटे हैं। यह पुस्तक इसी का सुफल है। इस यात्रा में वह इतिहास के साथ-साथ भूगोल में भी हैं। जहाँ वेदों, पुराणों, यात्रा-वृत्तान्तों, मध्यकालीन साक्ष्यों तथा अद्यतन अध्ययनों से जुड़ते हैं, वहीं बुद्धकालीन स्थलों के सर्वेक्षण और उत्खनन को टटोलकर देखते हैं। वह विहारों में रहते हैं, बौद्ध भिक्षुओं से मिलते हैं, उनसे असुविधाजनक सवाल पूछते हैं और इस क्रम में समाज की संरचना नहीं भूलते। जातियाँ किस तरह इस बदलाव से प्रभावित हुई हैं, इसकी अन्तर्दृष्टि सम्पन्न विवेचना यहाँ आद्योपान्त है।
    Buy This Book Instantly thru RazorPay
    (15% + 5% Extra Discount Included)

    Kindle E-Book Also Available
    Available on Amazon Kindle

  • Jinna : Unki Safaltayein, Vifaltayein Aur Itihas Me Unki Bhoomika by Ishtiaq AhmedJinna : Unki Safaltayein, Vifaltayein Aur Itihas Me Unki Bhoomika by Ishtiaq Ahmed

    Original price was: ₹700.00.Current price is: ₹560.00.

    (20%+5% की विशेष छूट )
    अपनी प्रति सुरक्षित करते समय कूपन कोड ‘JINNA’ इस्तेमाल करें और 5% की अतिरिक्त छूट का लाभ उठायें |

    मुहम्मद अली जिन्ना भारत विभाजन के सन्दर्भ में अपनी भूमिका के लिए निन्दित और प्रशंसित दोनों हैं। साथ ही उनकी मृत्यु के उपरान्त उनके इर्द- गिर्द विभाजन से जुड़ी अफवाहें खूब फैलीं।

    इश्तियाक अहमद ने कायद-ए-आजम की सफलता और विफलता की गहरी अन्तर्दृष्टि से पड़ताल की है। इस पुस्तक में उन्होंने जिन्ना की विरासत के अर्थ और महत्त्व को भी समझने की कोशिश की है। भारतीय राष्ट्रवादी से एक मुस्लिम विचारों के हिमायती बनने तथा मुस्लिम राष्ट्रवादी से अन्ततः राष्ट्राध्यक्ष बनने की जिन्ना की पूरी यात्रा को उन्होंने तत्कालीन साक्ष्यों और आर्काइवल सामग्री के आलोक में परखा है। कैसे हिन्दू मुस्लिम एकता का हिमायती दो-राष्ट्र की अवधारणा का नेता बना; क्या जिन्ना ने पाकिस्तान को मजहबी मुल्क बनाने की कल्पना की थी-इन सब प्रश्नों को यह पुस्तक गहराई से जाँचती है। आशा है इस पुस्तक का हिन्दी पाठक स्वागत करेंगे।
    JINNAH: His Successes, Failures and Role in History का हिन्दी अनुवाद
    Buy This Book Instantly thru RazorPay
    (20% + 5% Extra Discount Included)

    Or use Add to cart button Below, to use our shopping cart

  • Digambar Vidrohini Akk Mahadevi By Subhash RaiDigambar Vidrohini Akk Mahadevi By Subhash Rai

    Original price was: ₹449.00.Current price is: ₹382.00.

    यह एक अनूठी पुस्तक है : इसमें गम्भीर तथ्यपरक तर्कसम्मत शोध और आलोचना, सर्जनात्मक कल्पनाशीलता से किये गये सौ अनुवाद और कुछ छाया-कविताएँ एकत्र हैं। इस सबको विन्यस्त करने में सुभाष राय ने परिश्रम और अध्यवसाय, जतन और समझ, संवेदना और सम्भावना से एक महान् कवि को हिन्दी में अवतरित किया है। वह ज्योतिवसना थी, इसीलिए उसे ‘दिगम्बर’ होने का अधिकार था : अपने तेजस्वी वैभव के साथ ऐसी अक्क महादेवी का हिन्दी में हम इस पुस्तक के माध्यम से ऊर्जस्वित अवतरण का स्वागत करते हैं। रजा पुस्तक माला इस पुस्तक के प्रकाशन पर प्रसन्न है।

    -अशोक वाजपेयी
    Buy This Book Instantly thru RazorPay (15% + 5% extra discount)

     

कविता-संग्रह 'स्मृतियों के बीच घिरी है पृथ्वी