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  • Bhakti Bhasha Aur Polimix – Mobin Jahoroddeen (Paperback)

    Bhakti Bhasha Aur Polimix – Mobin Jahoroddeen – Paperback

    भक्ति भाषा और पॉलिमिक्स पुस्तक मराठी सन्त-भक्त कवियों की हिन्दी कविताओं पर केंद्रित लेखों का संग्रह हैं। मोबीन जहोरोद्दीन की यह पुस्तक मराठी भक्ति आंदोलन में हिन्दी कविताओं का एक दुर्लभ अध्धयन प्रस्तुत करती है।

    269.00299.00
  • Bhakti Bhasha Aur Polimix – Mobin Jahoroddeen

    Bhakti Bhasha Aur Polimix – Mobin Jahoroddeen
    भक्ति भाषा और पॉलिमिक्स पुस्तक मराठी सन्त-भक्त कवियों की हिन्दी कविताओं पर केंद्रित लेखों का संग्रह हैं। मोबीन जहोरोद्दीन की यह पुस्तक मराठी भक्ति आंदोलन में हिन्दी कविताओं का एक दुर्लभ अध्धयन प्रस्तुत करती है।

    626.00695.00
  • Periyar E.v. Ramasamy – Omprakash Kashyap

    Periyar E.v. Ramasamy – Omprakash Kashyap
    यह पुस्तक पेरियार के विचारों को उनके मूल रूप में समझने का दस्तावेज़ है। पेरियार की वैचारिकी के अनेक पक्ष हैं, जिनमें से प्रतिनिधित्व के तौर कुछ पक्षों को यहाँ रखा गया है।

    489.00575.00
  • Kavita Ka Vyom Aur Vyom Ki Kavita

    Kavita Ka Vyom Aur Vyom Ki Kavita

    ‘कविता का व्योम और व्योम की कविता’ पुस्तक मदन सोनी द्वारा लिखित। पुस्तक में शामिल अनेक कवियों की परवर्ती कविता के हाथों भी और बाद के वर्षों में आए नये कवियों के हाथों भी। स्वयं इस समय अनेक अद्वितीय कवि ऐसे हैं जिनकी कविता उस समझ के दायरे से बाहर है जिस समझ के साथ यह पुस्तक लिखी गयी है।.

    332.00390.00
  • MEERAN By MADHAV HADA (PaperBack)

    सन्त रैदास इनके गुरु माने जाते हैं। मीरां के पद शताब्दियों से पाठकों और श्रोताओं के आकर्षण का विषय बने हुए हैं। यह पुस्तक उनके जीवन और साहित्य के सभी पक्षों को उद्घाटित करने का प्रयास करती है।

    158.00175.00
  • Kavita Pathak Aalochna – Nishant

    Kavita Pathak Aalochna – Nishant
    कविता पाठक आलोचना -निशांत

    इस पुस्तक में उठाये गये प्रश्न कविता के अन्तःपुर के रहवासी के प्रश्न हैं। उसकी प्रामाणिकता और जवाबदेही असंदिग्ध है। निशान्त पिछले डेढ़ दशक से कविताएँ लिख रहा है। 

    297.00349.00
  • Hajariprasad Dwivedi Ek Jagtik Acharya By Shriprakash Shukla (Hardcover)

    हजारीप्रसाद द्विवेदी : एक जागतिक आचार्य – श्रीप्रकाश शुक्ल
    Hajari prasad Dwivedi Ek Jagtik Acharya By Shriprakash Shukla

    हजारीप्रसाद द्विवेदी हिंदी साहित्य के स्तंभ हैं। साहित्य की विभिन्‍न विधाओं में उनकी सक्रियता एक सी रही है-चाहे आलोचना रही हो, निबंध रहा हो या इतिहास और उपन्यास।

    880.001,100.00
  • Sabhyata Ki Yatra : Andhere Mein By Amitabh Rai

    Sabhyata Ki Yatra : Andhere Mein By Amitabh Ray

    अँधेरे में’, मुक्तिबोध की लम्बी कविता पर।अमिताभ राय का यह लम्बा विनिबन्ध 20वीं सदी और उसके आगे की जीवनगत रचनाओं का सूक्ष्म विश्लेषण है। विश्लेषण का शिल्प पाठ की प्रविधि में है। पाठ की गहरी संलग्नता को यहाँ देखा जा सकता है। अमिताभ ने गैर अकादमिक बर्ताव के साथ इस कृति में अपने अन्तःकरण को समीक्षा की दृष्टि से विकसित किया है। अमिताभ राय ने ‘अँधेरे में’ का चयन कर एक तरह से साहस का परिचय दिया है। इस कविता के सिरे उनकी बाकी लम्बी कविताओं से जुड़ते हैं। उनके प्रतीक और बिम्ब एक प्रक्रिया में अन्तःसंघर्ष के रास्ते इस कविता में खुलते हुए अपना अर्थ उद्घाटित करते हैं। अँधेरे के भीतर कई जटिल प्रतीक और मिथक हैं और उनकी इमेज़री धूसर, स्याह, राखड़ी, इस्पाती, काली नीली, तेलिया और धुएँली आदि हैं। इनसे वस्तु से अन्तर्वस्तु का रास्ता खोजना था जो लेखक ने अपनी शक्ति भर किया है। यूँ तो अँधेरे में’ के अनेक पाठ उपलब्ध हैं लेकिन यह अपनी तरह का पाठ है और पाठ का विस्तार 150 से अधिक पृष्ठों में है। इसमें मुक्तिबोध के ‘स्व’, ‘मैं’ और ‘वह’ को अनेक तरह से उद्घाटित करने का उपक्रम है। कवि के भय, संशय, उद्विग्नता, बेचैनी की शिनाख्त उनके इस विनिबन्ध में अधिक पारदर्शी और पुष्ट ढंग से रूपाकार ले लेते हैं। लेखक ने कविता में कवि लक्षित अनेक विचारों की यात्रा से गुजरते हुए उनके विजन को भी प्रकाशित करने का कार्य किया है। इस तरह बनेबनाए फ्रेम से बाहर जो अलक्षित मुक्तिबोध हैं, लेखक ने उन्हें भी अन्वेषित करने का यत्न किया है। विशेष रूप से मुक्तिबोध के पाठकों, शोधार्थियों और छात्रों के लिए यह किताब अनिवार्य होगी, ऐसा मेरा विश्वास है।

     

    122.00135.00
  • Vah Chhand Ki Aavriti Sa By Dhruva Shukla

    Vah Chhand Ki Aavriti Sa By Dhruva Shukla
    वह छन्द की आवृत्ति-सा-ध्रुव शुक्ल

    135.00150.00
  • Kavita Ka Ghanatv – Jitendra Shrivastava (Paperback)

    Kavita Ka Ghanatv – Jitendra Shrivastava – Paperback Edition

    पुस्तक ‘कविता का घनत्व’ – जितेंद्र श्रीवास्तव

    270.00300.00
  • Bhartiya Manas Ka Vi-Aupniveshikaran By Ambikadatt Sharma

    Bhartiya Manas Ka Vi-Aupniveshikaran By Ambikadatt Sharma

    भारत में आत्मविभाजन की एक व्याख्या मूलतः हिंदी में दार्शनिक अम्बिकादत्त शर्मा ने इस पुस्तक के रूप में प्रस्तुत की है। इस गंभीर विषय पर एक से अधिक व्याख्याएँ न सिर्फ़ संभव हैं बल्कि अभीष्ट भी।

    203.00225.00
  • Vichar Ke Vatayan By Vinod Tiwari (Paperback)

    Vichar Ke Vatayan By Vinod Tiwari -Paperback

    ‘विचार के वातायन’ बौद्धिकता के दोहरे संदर्भ को प्रस्तावित करता है। इसमें संकलित निबंधों के माध्यम से हिंदी के विश्वसनीय और प्रगतिशील आलोचक सत्यप्रकाश मिश्र को याद किया गया है। किसी विद्वान, बुद्धिजीवी, अकेदमिशियन को याद करने का अर्थ यह भी होता है कि हम उनकी रचनात्मकता के गुणसूत्रों को पहचाने और विनम्र बौद्धिकता के सहारे उस परंपरा को फिर-फिर नवीकृत करें या नवीकृत करने का प्रयास करें।

    207.00230.00