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  • RACHANA PRAKRIYA KE PADAV (Thought on Theatre Work) by Devendra Raj Ankur

    रचना प्रक्रिया के पड़ाव – देवेन्द्र राज अंकुर

    Rachna Prakriya Ke Padav (Thought on Theatre Work) By Devendra Raj Ankur

    ‘रचना प्रक्रिया के पड़ाव’ प्रसिद्ध रंगकर्मी और विद्वान् श्री देवेन्द्र राज अंकुर की नव्यतम पुस्तक है। रंगमंच को मुख्यतः और प्राथमिक रूप से नाटकों के मंचन से सन्दर्भित माना गया है। नाटकों और एकांकियों की सफलता का एक आधार उनके मंचन की अनुकूलता भी है। इसके अतिरिक्त महाकाव्यों के मंचन की भी सुदीर्घ और समृद्ध परम्परा भारत में रही है। परन्तु प्रस्तुत पुस्तक का सन्दर्भ कहानी के रंगमंच से है। ‘कहानी का रंगमंच’ नामक पुस्तक इस सन्दर्भ की पहली व्यवस्थित पुस्तक थी जिसका सम्पादन महेश आनन्द ने किया था। इसके बावजूद यह पुस्तक उस पुस्तक से कई मायनों में विशिष्ट है। पहली तो यह एक लेखक द्वारा रचित है। दूसरे इसको पहली पुस्तक से लगभग 50 वर्ष बाद लिखा गया है। तो इस लम्बी समयावधि में रंगमंच, ज्ञान-सरणी और कहानी विधा में जो विस्तार हुआ, उसे पुस्तक समेटती है।

    प्रस्तुत पुस्तक को छह हिस्सों में बाँटा गया है- प्रस्तुति, विचार, प्रक्रिया, संवाद, दृश्यालेख और कथासूची। यह बँटवारा अध्ययन की सुविधा के लिए तो है ही, साथ ही यह रचनाकार की उस दृष्टि का महत्तम समापवर्तक भी है जिससे वह चीजों को देखता- जाँचता है।
    इस पुस्तक से रंगमंच के दर्शन का ज्ञान तो होगा ही साथ ही ‘छात्रों, शोधार्थियों और रंगकर्मियों के लिए एक ही दिशा में किये गये काम कहानी का रंगमंच से सम्बद्ध लगभग सारी जानकारियाँ’ भी मुहैया हो सकेंगी। ऐसा हमें विश्वास है।
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  • Chauboli By Swayam Prakash (Paperback)

    Chauboli By Swayam Prakash

    130.00
  • Pita By August Strindberg Translation by Raju Sharma (Hardcover)

    August Strindberg’s “ PITAA“
    ‘PITAA’ is a Hindi adaptation of the Swedish play ‘The Father’ written by AUGUST STRINDBERG in the year 1887.
    पिता’ सहज पारिवारिक संबंधों की असहज स्थितियों का उद्घाटन करता है। पति-पत्नी के संबंधों पर आधारित इस नाटक के केंद्र में उनकी बेटी है। बेटी के भविष्य का निर्माण उन दोनों की चिंता और द्वंद्व का आधार है, जिसके पीछे ‘आपसी अविश्वास’ की एक लंबी श्रृंखला है।

    189.00210.00
  • Chauboli By Swayam Prakash

    Chauboli By Swayam Prakash

    270.00300.00
  • Dehantar By Nand Kishore Acharya

    Dehantar By Nand Kishore Acharya
    देहान्तर – नंदकिशोर आचार्य

    50.00
  • Hastinapur (Play) By Nand Kishore Acharya

    Hastinapur (Play) By Nand Kishore Acharya

    50.00
  • Uttar Priyadarshi By S.H. Vastyayan ‘Ajneya’

    Uttar Priyadarshi S. H. Vatsyayan ‘ajneya’
    उत्तर प्रियदर्शी – अज्ञेय – नाटक

    20.00
  • Rangtrayi Nand Kishore Acharya

    रंगत्रयी

    25.00
  • Rangbajrang By Dinesh Thakur

    Rangbajrang By Dinesh Thakur

    70.00
  • Nattratiya – Nand Kishore Acharya

    Nattratiya – Nand Kishore Acharya

    25.00
  • Nachni Aur Anya Natak – Bhanu Bharti

    नचनी और अन्य नाटक – भानु भारती

    45.00
  • Pahla Satyagrahi By Ravindra Tripathy

    पहला सत्याग्रही एक नाटक है। पर ये सिर्फ़ एक नाटक नहीं है। ये स्मरण भी है। गांधी – स्मरण । ये भी कहा जा सकता है कि ये नाटक कम और स्मरण अधिक है।


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