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  • Vang Chii By Manish VaidyaVang Chii By Manish Vaidya

    Original price was: ₹275.00.Current price is: ₹234.00.

    ये कहानियाँ उत्तर भूमण्डलीकृत हमारे समाज का वीभत्स, क्रूर लेकिन मुस्कराता और अपनी चमक- दमक से हमें लुभाता हुआ चेहरा हमारे सामने लाता है। मानवीय संवेदनाओं के चितेरे मनीष ने आज के दौर को अनूठे ढंग और खूबी से प्रस्तुत किया है और उसमें भी वे ख़ासकर छोटे-छोटे हुनरमन्द लोगों के रोजगार के कम या बन्द होने की चिन्ता को कहानी की केन्द्रीय चिन्ता बनाकर बड़े फ़लक पर ले जाते हैं या लगातार टूटते गाँव-क़स्बों को जिस शिद्दत और अपनेपन से सामने रखते हैं, वह साबित करता है कि अपने गाँव की मिट्टी से जुड़े रहने के साथ मनीष समाज में तेजी से घट रहे बदलावों और छोटे तथा दबे-कुचले लोगों के लिए सतत क्रूर होते जा रहे समय की नब्ज़ को पहचानते हैं और अपने किरदारों के जरिये उन्हें अपनी कहानियों में जगह देते हैं। दुनिया के एक बाजार में तब्दील होते जाने और हमारे बीच से मनुष्यता, प्रेम और करुणा के कमतर होते जाने की पीड़ा को व्यक्त करती बड़बोलेपन और नारेबाज़ी से दूर उनकी यथार्थवादी कहानियों में विचार अण्डरटोन में भीनी गन्ध की तरह पाठक को छूकर निकल जाता है लेकिन उस गन्ध की महक गहरे तक धँसकर पाठक के मन में लम्बे वक़्त तक बनी रहती है।
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  • Bharatpur Lut Gayo By Vibha RaniBharatpur Lut Gayo By Vibha Rani

    Original price was: ₹250.00.Current price is: ₹200.00.

    भरतपुर लुट गयो नया कहानी संग्रह है प्रख्यात कथाकार विभा रानी का। उनकी कथा-सामर्थ्य का
    एक और साक्ष्य । इस पुस्तक में संकलित कहानियों को किसी एक सूत्र में नहीं बाँधा जा सकता, पर यही
    इस संग्रह की खूबी और ताकत भी है। इन कहानियों में किसी किस्म का कोई दोहराव नहीं है, न अन्तर्वस्तु का और न ही भाषा व शैली का ।
    हर कहानी का कथ्य और परिवेश अन्य सब कहानियों से अलग है। शिल्प की विविधता भी भरपूर है, जिसमें वर्णन और आख्यान से लेकर इकबालिया बयान तक,
    अनेक रंग-ढंग शामिल हैं। पात्रों और परिवेश के मुताबिक भाषा और शैली बदल जाती है।
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  • Pagdandi By Shraddha ThavaitPagdandi By Shraddha Thavait

    Original price was: ₹299.00.Current price is: ₹254.00.

    इधर कुछ बरसों से हिन्दी में लिखी जा रही अधिकांश कहानियाँ दो तरह की अति का शिकार हैं। एक श्रेणी उन कहानियों की है जो हद दर्जे की अमूर्त हैं, किसी कथाभूमि के बगैर हवा में तिरती हुई । निराकार । दूसरी श्रेणी उन कहानियों की है जो ठोस कथाभूमि पर खड़ी तो रहती हैं पर इतनी ठस होती हैं कि उनमें प्रतीक, व्यंजना और अन्यार्थ की गुंजाइश नहीं होती । खुशी की बात है कि श्रद्धा थवाईत की कहानियाँ इन दोनों अतियों या कमजोरियों से मुक्त हैं। उनका यह कहानी संग्रह पगडण्डी इसका साक्ष्य है। इस संग्रह की कहानियों में जहाँ अन्तर्वस्तु का विस्तार है वहीं भाषा और शिल्प में एक सहज पारदर्शिता है जो कहानियों को काफी पठनीय बनाती है और पाठक को बरबस बाँधे रखती है।

  • Fani Baaki -Shamsur Rahman FaruqiFani Baaki -Shamsur Rahman Faruqi

    160.00

    Fani Baaki -Shamsur Rahman Faruqi

    फ़ानी बाक़ी – शम्सुर्रहमान फ़ारूक़ी

    इस किताब का मुख्य आकर्षण फ़ारुक़ी साहब की लम्बी कहानी ‘फ़ानी बाक़ी’ है। यह कहानी खुद फ़ारुक़ी साहब की बाक़ी कहानियों से अलग है। वे मनुष्य के अन्तस की गहराई में काँपती मुक्ति की आकांक्षा की ओर अपनी दूसरी कहानियों में भी किसी न किसी तरह से इशारे करते ही थे, लेकिन ‘फ़ानी बाक़ी’ में वे इस आकांक्षा के ठीक सामने जा खड़े हुए हैं। इस एनकाउण्टर की रोशनी से फ़ारुक़ी साहब ने एक विलक्षण कल्पना लोक की रचना की है। यह कल्पना लोक वास्तविक न होते हुए भी अपने भीतर मनुष्य की मुक्ति की आकांक्षा के सच को अपने हर रेशे में थामे रखता है। यहीं से इस कहानी का सौन्दर्य और उसकी गहराई पैदा होती है।

  • Band Kothari Ka Darwaja By Rashmi Sharma

    499.00

    इस संग्रह की कहानियाँ भिन्न जीवन-स्थितियों एवं भिन्न मनःस्थितियों की कहानियाँ हैं। मध्य वर्ग, मजदूर वर्ग, निम्न वर्ग, समान्त वर्ग सब हैं इन कहानियों में। कहानीकार यथार्थ रचने की प्रक्रिया में भी हैं। बन्द कोठरियों के दरवाजे खुल रहे हैं।

  • Ankaha Aakhyan By Jaya Jadwani (Hardcover)Ankaha Aakhyan By Jaya Jadwani (Hardcover)

    Original price was: ₹340.00.Current price is: ₹272.00.

    संग्रह की कहानियाँ मध्य वर्ग में स्त्री जीवन की नियति और त्रासदी को अपना विषय बनाती हैं। खासतौर से वैवाहिक जीवन के भीतर स्त्री जीवन को। वैसे तो पूरे समाज और सभ्यता में वैवाहिक जीवन में स्त्रियों का जीवन ज्यादा संघर्षपूर्ण, त्रासद और विडंबनात्मक होता है। परंतु मध्यवर्गीय स्त्रियाँ इस त्रासदी को ज्यादा भोगती हैं

  • Hindi Ki Prem Kahaniyan By Ed. Dr. Suchitra Kashyap (PaperBack)

    170.00

    Hindi Ki Prem Kahaniyan By Ed. Dr. Suchitra Kashyap

  • Hindi ki prem kavitayein By Ed. Dr. Suchitra Kashyap

    170.00

    Hindi ki prem kavitayein By Ed. Dr. Suchitra Kashyap

  • Ek Chhoti Si Khabar – Dileep Kaur Tiwana

    60.00

    Ek Chhoti Si Khabar – Dileep Kaur Tiwana

  • Parinde Ka Intazar Sa Kuchh – Neelakshi Singh

    Original price was: ₹325.00.Current price is: ₹276.00.

    Parinde Ka Intazar Sa Kuchh – Neelakshi Singh

    परिंदे का इंतजार-सा कुछ –नीलाक्षी सिंह

    नीलाक्षी सिंह की कहानियाँ मनुष्यता के पक्ष में एक अपील हैं। निरन्तर तिरोहित हो रही मानवीय संवेदना उनकी कहानियों का केन्द्रीय सरोकार है। परिन्दे का इन्तज़ार सा कुछ की कहानियाँ इसी तिरोहित हो रही मानवीयता को परिवार, समाज, सम्प्रदाय आदि के विभिन्न स्तरों पर प्रस्तुत करती हैं।

  • Vilopan by Shailendra Sagar (Hardcover)

    475.00

    Vilopan by Shailendra Sagar – Hardcover

    विलोपन की कहानियाँ ऐसी दुनिया की नब्ज पर उँगली रखती हैं जिसमें सब कुछ जल्दी से जल्दी पा लेना है। करियर की भागदौड़, निर्मम प्रतिस्पर्धा, अनाम-शनाप खर्च और उपभोक्तावाद ने ऐसी दुनिया बनायी है जहाँ किसी के व्यक्तिगत सुख-दुख, राग-विराग और रिश्ते-नातों से कोई सरोकार नहीं।

  • Kal ki Baat : Rishabh By Prachand Praveer (Paperback)

    249.00

    Kal ki Baat : Rishabh By Prachand Praveer (Paperback)

    लघुकथा संग्रह ‘कल की बात’ एक विशिष्ट विधा में है, जिसके हर अंक में ठीक पिछले दिन की घटनाओं का मनोरंजक वर्णन है। आपबीती शैली में लिखी गयी ये कहानियाँ कभी गल्प, कभी हास्य, कभी उदासी को छूती हुयी आज के दौर की साक्षी है। कहानीकार, उसके खुशमिजाज सहकर्मी, आस-पड़ोस में रहने वाले चुलबुले बच्चे, भारतीय समाज में रचे-बसे गीत और कविताएँ पारम्परिक मूल्यों के साथ विविधता में बने रहते हैं।