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SANSKRITI VICHAAR (criticism) by Jyotish Joshi

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संस्कृति विचार – ज्योतिष जोशी


‘संस्कृति विचार’ अपने नाम के अनुरूप व्यापक सांस्कृतिक विमर्श की पुस्तक है। इसमें ज्योतिष जोशी ने व्यापक सांस्कृतिक प्रक्रिया के तहत साहित्य, कला और संस्कृतिकर्मियों की भूमिका को देखने की चेष्टा की है जिससे एक समेकित संस्कृति अपना आकार पा सके। पुस्तक में अर्द्धशती की आलोचना पर विचार है, तो समकालीन युवा आलोचना के भरोसे की पड़ताल भी है। गांधी जी के स्वधर्म और पश्चिमी सभ्यता के बरक्स उनके द्वारा दिये गये विकल्पों की आज के सन्दर्भ में पहचान की कोशिश है, तो साहित्य की आलोचना में सन्तुलन की जरूरत, आज के सामाजिक जीवन में संस्कृतिकर्मियों की भूमिका की पड़ताल तथा भौतिकता से आक्रान्त समय में अपनी आत्मा को बचा लेने की पुकार भी है। आलोचक को मालूम है कि उपभोक्तावाद के प्रभुत्व और विश्वव्यापी उदारतावाद के कारण कलाओं में राजनीति बढ़ी है तथा अभिव्यक्ति का संकट गहरा गया है। इन विकट प्रश्नों को उठाते हुए लेखक ने हमें सावधान करने की तार्किक कोशिश की है कि यदि कलाओं के स्वभाव की रक्षा करनी है और सम्प्रेषण के संकट को दूर करना है तो अपनी संस्कृति के पारम्परिक, देशज तथा सृजनशील अवयवों की रक्षा करनी होगी। संचार के साधनों का अन्धाधुन्ध प्रसार हो या आणविक विभीषिका से सन्त्रस्त मानवता के सामने जीवन रक्षा का प्रश्न हो, लेखक की दृष्टि सब तरफ गयी है और उसने बड़ी बेबाकी से अप्रिय प्रश्नों को उठाकर उनपर विचार करने का साहस दिखाया है। पुस्तक व्यापक सांस्कृतिक बहस को लेकर चली है इसलिए हिन्दी में अनुवाद, पत्रकारिता आदि के क्षेत्र में आ रहे संकुचन को लक्ष्य कर लेखक ने इनमें एक मुकम्मल संस्कृति के विकास पर बल दिया है।


 

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Description

SANSKRITI VICHAAR (criticism) by Jyotish Joshi


About the Author

ज्योतिष जोशी
आलोचक, विचारक और कलाविद् ।
जन्म : धर्मगता, जनपद-गोपालगंज, बिहार।
शिक्षा : एम.ए., दिल्ली विश्वविद्यालय तथा एम.फिल. और पी-एच.डी., जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय, नयी दिल्ली।
प्रकाशन : इनकी 45 से अधिक मौलिक तथा
सम्पादित पुस्तकें हैं; जिनमें – आलोचना की छवियाँ, जैनेन्द्र और नैतिकता, उपन्यास की समकालीनता, शमशेर का अर्थ, आधुनिक भारतीय कला, रंग विमर्श, तुलसीदास का स्वप्न और लोक, आधुनिक कला आन्दोलन, बहुव्रीहि, नौटंकी : लोक-परम्परा और संघर्ष आदि शामिल हैं।
सम्मान : आलोचना में उल्लेखनीय योगदान के लिए
अनेक सम्मान तथा फेलोशिप प्राप्त; जिनमें देवीशंकर अवस्थी सम्मान, प्रमोद वर्मा आलोचना सम्मान, आचार्य हजारीप्रसाद द्विवेदी सम्मान, साहित्य सेवा सम्मान, दिनकर सम्मान सहित संगीत नाटक अकादेमी, विश्वविद्यालय अनुदान आयोग आदि की फेलोशिप शामिल ।
कार्य : ललित कला अकादेमी में सम्पादक सहित कई पदों पर काम कर चुके ज्योतिष जोशी हिन्दी अकादमी, दिल्ली के सचिव भी रह चुके हैं। हाल तक ये प्रधानमन्त्री संग्रहालय और पुस्तकालय, नयी दिल्ली में वरिष्ठ अध्येता (सीनियर फेलो) रहे हैं।


SANSKRITI VICHAAR (criticism) by Jyotish Joshi

Additional information

Author

Jyotish Joshi

Binding

Paperback

Language

Hindi

ISBN

978-93-6201-280-7

Pages

212

Publication date

10-01-2026

Publisher

Setu Prakashan Samuh

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