Description
Ganarajya Ka Swadharm by Yogendra Yadav
योगेन्द्र यादव के भाग्य में शिक्षक बनना लिखा था। माँ कमला यादव हिन्दी की अध्यापिका और पिता देवेन्द्र सिंह यादव अर्थशास्त्र के प्राध्यापक। दादा और पड़दादा भी अध्यापक थे। और जन्म भी हुआ शिक्षक दिवस यानी 5 सितम्बर को। बी.ए. तक की पढ़ाई श्रीगुरुनानक खालसा स्कूल और कॉलेज, श्रीगंगानगर, राजस्थान में हुई। जेएनयू से राजनीति शास्त्र में एम.ए. की डिग्री ली और वहाँ समता युवजन सभा में राजनीति सीखी। पंजाब विश्वविद्यालय चण्डीगढ़ से एम.फिल. करने के बाद वहीं नौ साल राजनीति शास्त्र पढ़ाया और शिक्षक होने का खानदानी फर्ज निभाया। 1993 से 2013 तक सीएसडीएस, दिल्ली में शोधकार्य किया, लोकनीति कार्यक्रम के संस्थापक-निदेशक रहे, चुनावी सर्वे की विधा को पुनर्जीवित किया और चुनाव विश्लेषक के रूप में ख्याति अर्जित की। इस दौरान वे अपने राजनीतिक गुरु किशन पटनायक की प्रेरणा से समता संगठन तथा समाजवादी जनपरिषद के साथ अनेक जन-आन्दोलनों से जुड़े रहे थे। भविष्य बताने के बजाय भविष्य बनाने की तड़प उन्हें सक्रिय राजनीति में पूर्णकालिक तौर पर खींच लायी और वह आम आदमी पार्टी के सह-संस्थापक बने। पार्टी जब अपने घोषित उद्देश्यों से भटकती दिखी तो बाहर आ गये और पहले स्वराज अभियान और फिर स्वराज इण्डिया की स्थापना से जुड़े। नागरिकता संशोधन कानून के विरोध और तीन कृषि कानूनों के खिलाफ चले किसान आन्दोलन में अपनी सक्रिय भूमिका के चलते ‘आन्दोलनजीवी’ का खिताब पाया। सम्प्रति : राष्ट्रीय संयोजक, भारत जोड़ो अभियान। लेखन : हिन्दी और अँग्रेजी में नियमित स्तम्भ लिखते रहे हैं। एनसीईआरटी के लिए राजनीति शास्त्र की स्कूली पाठ्यपुस्तकों का लेखन व सम्पादन। ‘मेकिंग सेन्स ऑफ इण्डियन डेमोक्रेसी’ (परमानेंट ब्लैक), 2020 और अल्फ्रेड स्टेपन तथा हुआन लिंज के साथ सह-लेखन में ‘क्राफ्टिंग स्टेट नेशन’ (जॉन्स हॉपकिन्स यूनिवर्सिटी प्रेस) 2011.





























Badri Kumar –
योगेन्द्र यादव की यह पुस्तक भारतीय गणराज्य, राष्ट्रवाद और स्वधर्म पर गहरी, साहसी और विचारोत्तेजक दृष्टि देती है, जो संवेदनशील नागरिक को नई राजनीतिक भाषा सोचने को प्रेरित करती है।
Priya Sharma –
यह किताब भारतीय गणराज्य के स्वधर्म, राष्ट्रवाद और राजनीति पर गहन वैचारिक मंथन प्रस्तुत करती है, जो आज के समय में सोच को झकझोरने वाली है।
Imraan Saifi –
यह पुस्तक भारतीयता, स्वधर्म और राष्ट्रवाद पर गहन विमर्श करते हुए समकालीन राजनीति की विसंगतियों को उजागर करती है और जिम्मेदार नागरिक चेतना को मजबूती देती है।
Alok Singh –
गणराज्य, राष्ट्र और संस्कृति पर योगेन्द्र यादव की यह विचार यात्रा गहरी समझ, नैतिक स्पष्टता और भविष्य की राजनीति के लिए नई दिशा देती है।
Rekha sinha –
Going to buy this book. Learned about this in ajit anjum video.
Ajit Anjum Video
Looks very insightful. He talks about secularism which is not only limited to religious boundry but religiin of humanity I. e manav dharm.