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  • Rang Yatriyo Ke Rahe Guzar by Satya Dev TripathiRang Yatriyo Ke Rahe Guzar by Satya Dev Tripathi

    Original price was: ₹350.00.Current price is: ₹298.00.
    लेकिन इसी सिलसिले में कुछ गिने-चुने लोगों के साथ मानवोचित प्रक्रिया में ऐसे सह-सम्बन्ध भी बने, जिसमें नाटक तो मूल आधार बना और अन्त तक प्रमुख सरोकार बनकर रहा भी, लेकिन उसमें मानवीय प्रवृत्तियाँ नाटक की सीमाओं को लाँघकर जीवनपरक भी हो गयीं-सिर्फ़ नाटक को होने की मोहताज न रहीं। और यह कहने में मुझे कोई संकोच नहीं, कि जीवन से जुड़ जाने के बाद उनके साथ उनके रंगकर्म को समग्रता में जानने-समझने का लुत्फ़ ही कुछ और हो गया। इनमें कुछ बुजुर्ग व महनीय लोगों (ए.के. हंगल, हबीब तनवीर, सत्यदेव दुबे… आदि) से अकूत स्नेह मिला, अनकही सुरक्षा मिली और काफ़ी कुछ सीखने-जानने को मिला…, तो वहीं कुछ हमउम्री के आसपास के रंगकर्मियों के साथ अहर्निश के रिश्ते बने। आपसी दुख-सुख एक हो गये। उनके साथ से संघर्षों-चुनौतियों में सम्बल मिले।
    – आमुख से
  • Lay : Bhav-Bhaav-Anubhav Ki – Purwa BharadwajLay : Bhav-Bhaav-Anubhav Ki – Purwa Bharadwaj

    Original price was: ₹375.00.Current price is: ₹319.00.

    पूर्वा भारद्वाज इस पुस्तक के पहले साहित्य में नहीं रही हैं, वे उसके इर्द-गिर्द लम्बे समय से हैं-साहित्य से उनका सम्बन्ध पारिवारिक है। ‘लय’ के गद्य में भव, भाव और अनुभव की ऐसी छवियाँ, अहसास और बखान हैं जो अक्सर साहित्य के भूगोल में दाखिल नहीं हो पाते हैं। वे ‘लगना’ ‘हलकापन’ और ‘फालतूपन’ पर विचार करती हैं, ‘इमली की खटास’, ‘सिटकनी’ ‘हवाई चप्पल’ पर लिखती हैं और मर्मदृष्टि से ‘बाबा’, ‘नानाजी’, ‘माँ’, नीलाभ मिश्र, रमाबाई आदि को याद करती हैं। सीधा सच्चा बयान और बखान वे, बिना किसी लच्छेदार मुद्रा के, सहज भाव से करती हैं। एक ऐसे समय में जब भव्यता और वैभव क्रूरता को छुपा रहे हैं तब साधारण जीवन में मानवीय ऊष्मा, सहानुभूति और सहकार की अलक्षित उपस्थिति और सम्भावना के दस्तावेज़ के रूप में यह पुस्तक प्रासंगिक है।

    – अशोक वाजपेयी

     

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  • Khoye Hue Logon Ka Shahar By Ashok BhaumikKhoye Hue Logon Ka Shahar By Ashok Bhaumik

    Original price was: ₹225.00.Current price is: ₹191.00.

    ‘खोये हुए लोगों का शहर’ विख्यात चित्रकार और लेखक अशोक भौमिक की नयी किताब है। गंगा और यमुना के संगम वाले शहर यानी इलाहाबाद (अब प्रयागराज) की पहचान दशकों से बुद्धिजीवियों और लेखकों के शहर की रही है। इस पुस्तक के लेखक ने यहाँ बरसों उस दौर में बिताये जिसे सांस्कृतिक दृष्टि से वहाँ का समृद्ध दौर कहा जा सकता है। यह किताब उन्हीं दिनों का एक स्मृति आख्यान है। स्वाभाविक ही इन संस्मरणों में इलाहाबाद में रचे-बसे और इलाहाबाद से उभरे कई जाने-माने रचनाकारों और कलाकारों को लेकर उस समय की यादें समायी हुई हैं, पर अपने स्वभाव या चरित्र के किसी या कई उजले पहलुओं के कारण कुछ अज्ञात या अल्पज्ञात व्यक्ति भी उतने ही लगाव से चित्रित हुए हैं। इस तरह पुस्तक से वह इलाहाबाद सामने आता है जो बरसों पहले छूट जाने के बाद भी लेखक के मन में बसा रहा है। कह सकते हैं कि जिस तरह हम एक शहर या गाँव में रहते हैं उसी तरह वह शहर या गाँव भी हमारे भीतर रहता है। और अगर वह शहर इलाहाबाद जैसा हो, जो बौद्धिक दृष्टि से काफी उर्वर तथा शिक्षा, साहित्य, संस्कृति में बेमिसाल उपलब्धियाँ अर्जित करने वाला रहा है, तो उसकी छाप स्मृति-पटल से कैसे मिट सकती है? लेकिन इन संस्मरणों की खूबी सिर्फ यह नहीं है कि भुलाए न बने, बल्कि इन्हें आख्यान की तरह रचे जाने में भी है। अशोक भौमिक के इन संस्मरणों को पढ़ना एक विरल आस्वाद है।

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  • Siraj-E-Dil JaunpurSiraj-E-Dil Jaunpur

    Original price was: ₹299.00.Current price is: ₹239.00.

    सिराज-ए-दिल जौनपुर हिन्दी में गद्य की एक अभिनव और अनूठी पुस्तक है।

    जिसमें संस्मरण और स्मृति आख्यान से लेकर ललित निबन्ध तक, गद्य की विविध मनोहारी छटाएँ हैं। ऐसे समय जब मान लिया गया है कि ललित निबन्ध की धारा सूख चुकी है, अमित श्रीवास्तव की यह किताब न सिर्फ़ ऐसी धारणा का प्रत्याख्यान है बल्कि उस धारा को नये इलाक़ों में भी ले जाती है। यों तो इस पुस्तक में संकलित ज्यादातर निबन्धों या स्मृति आख्यानों के केन्द्र में पूर्वी उत्तर प्रदेश का एक शहर जौनपुर है लेकिन लेखक ने जो रचा है वह सतही वृत्तान्त या विवरणात्मक ज्ञान के सहारे नहीं रचा जा सकता। इस रचाव के लिए बहुत कुछ विरल चाहिए: इतिहास के कोने-अन्तरे तक पहुँच, भूले-बिसरे नायकों की पहचान और उनके अवदान का ज्ञान, इतिहास और साहित्य से लेकर विज्ञान तक में रुचि, स्थानीय जीवन के रंग और विश्वबोध, आदि। इस पुस्तक को पढ़ते हुए किसी को भी हैरानी होगी कि स्थानीय खान-पान और रीति-रिवाज और गली- मोहल्लों के बारे में जिस रोचकता से स्मृति आख्यान लिखे गये हैं उसी तरह से इतिहास में गुम किरदारों और ज्ञान-विज्ञान से जुड़े प्रसंगों के बारे में भी। चाहे जौनपुर के हिन्दी भवन के बारे में लिखा गया स्मृति आख्यान हो, चाहे किसी अल्पज्ञात शख्सियत के योगदान के बारे में, चाहे साहित्य या इतिहास का कोई मसला हो, चाहे कैथी लिपि के चलन से बाहर हो जाने की पड़ताल, आप समान चाव से पढ़ सकते हैं। इन सबसे लेखक का बहुश्श्रुत और बहुपठित व्यक्तित्व उभरता है। इस पुस्तक में संकलित कई निबन्धों के मद्देनजर यह कहा जा सकता है कि ऐसा रसप्रद और खिलन्दड़ा गद्य कहीं और मुश्किल से मिलेगा। ऐसा गद्य लिखते हुए लेखक ने कई जगह नये शब्द भी रचे हैं। उम्मीद की जानी चाहिए कि इस पुस्तक में संकलित कथेतर गद्य की अभिनवता और अनूठेपन को अलक्षित नहीं किया जाएगा।

  • Bhartiya Rajneeti Aur Mera Jeevan – Mohsina-kidwai (Hardcover)Bhartiya Rajneeti Aur Mera Jeevan – Mohsina-kidwai (Hardcover)

    Original price was: ₹900.00.Current price is: ₹720.00.

    भारतीय राजनीति और मेरा जीवन – मोहसिना क़िदवाई, रशीद किदवाई , अनुवाद : जावेद आलम मोहसिना क़िदवाई भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस के आला नेताओं में शुमार हैं। उत्तर प्रदेश के बाराबंकी से ताल्लुक रखने वाली मोहसिना किदवाई पार्टी के भीतर भी कई संगठनात्मक पदों पर रहीं और सरकार के भीतर भी । जहाँ पार्टी में उन्होंने […]

  • Bhartiya Rajneeti Aur Mera Jeevan – Mohsina-kidwaiBhartiya Rajneeti Aur Mera Jeevan – Mohsina-kidwai

    Original price was: ₹399.00.Current price is: ₹339.00.

    भारतीय राजनीति और मेरा जीवन – मोहसिना क़िदवाई, रशीद किदवाई , अनुवाद : जावेद आलम मोहसिना क़िदवाई भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस के आला नेताओं में शुमार हैं। उत्तर प्रदेश के बाराबंकी से ताल्लुक रखने वाली मोहसिना किदवाई पार्टी के भीतर भी कई संगठनात्मक पदों पर रहीं और सरकार के भीतर भी । जहाँ पार्टी में उन्होंने […]

  • Aks by Akhilesh (Hardcover)Aks by Akhilesh (Hardcover)

    Original price was: ₹875.00.Current price is: ₹656.00.

    Aks by Akhilesh (Hardcover)

    अक्स के संस्मरणों के चरित्र, अखिलेश की जीवनकथा में घुल-मिलकर उजागर होते हैं। अखिलेश का कथाकार इन स्मृति लेखों में मेरे विचार से नयी ऊँचाई पाता है। उनके गद्य में, उनके इन संस्मरणात्मक लेखन के वाक्य में अवधी की रचनात्मकता का जादू भरा है। -विश्वनाथ त्रिपाठी

  • Khandit Azadi : Karawas Ke Kuchh Sansmaran – Kobad Ghandy

    Original price was: ₹499.00.Current price is: ₹424.00.

    Khandit Azadi : Karawas Ke Kuchh Sansmaran – Kobad Ghandy Translated By Ujjawala Mhatre
    खंडित आजादी –

    खंडित आजादी इस किताब में कोबाड़ गांधी और उनकी जीवन संगिनी व एक्टिविस्ट अनुराधा के संघर्षों के संस्मरण तो हैं ही, विभिन्न जेलों तथा न्याय प्रणाली के बरसों-बरस के उनके अनुभव भी इसमें विस्तार से, बखूबी दर्ज हैं।

  • Chhooti Cigarette Bhi Kambhakth – Ravindra Kalia

    Original price was: ₹275.00.Current price is: ₹234.00.

    Chhooti Cigarette Bhi Kambhakth – Ravindra Kalia
    ‘छूटी सिगरेट भी कमबख्त ‘ –

    रवीन्द्र कालिया के इस संस्मरण-संग्रह का शीर्ष आलेख छूटी सिगरेट भी कमबख्त आज पढ़कर वे दिन याद आते हैं जब कई मौकों पर उन्होंने सिगरेट छोड़नी चाही मगर नाकामयाब रहे। 

  • Khaki Aakhyan – Shailendra Sagar

    Original price was: ₹399.00.Current price is: ₹340.00.

    Khaki Aakhyan – Shailendra Sagar

    यह हमारे लोकतन्त्र के लिए बहुत बड़ा खतरा है क्योंकि इस व्यवस्था का लाभ उठाकर आपराधिक पृष्ठभूमि के व्यक्ति राजनीति में प्रवेश करते जा रहे हैं और उच्च पदों तक पहुँच चुके हैं। 

  • Yaar Mera Haj Kara De – Rajindra AroraYaar Mera Haj Kara De – Rajindra Arora

    Original price was: ₹250.00.Current price is: ₹213.00.

    Yaar Mera Haj Kara De – Rajindra Arora
    यार मेरा हज करा दे – राजिन्दर अरोरा

    यार मेरा हज करा दे लाहौर यात्रा के बहाने देश के बँटवारे की विसंगतियों को उजागर करती है। यह यात्रा बताती है कि बँटवारा कितना दुर्भाग्यपूर्ण, त्रासद और कृत्रिम था।

  • Agle Waqton Ke Hain Ye Log – Ashok Vajpeyi (Paperback)

    Original price was: ₹320.00.Current price is: ₹272.00.

    Agle Waqton Ke Hain Ye Log – Ashok Vajpeyi

    अगले वक़्तों के हैं ये लोग – अशोक वाजपेयी

    संस्मरण यानी स्मरण यानी स्मृति । ये स्मृतियाँ केवल अपने प्रिय व्यक्तित्वों, महानुभावों को याद करना भर नहीं है। इनमें उन्हें याद तो किया ही गया है, साथ ही उनके प्रति गहरी कृतज्ञता का भाव भी है।