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Jinna : Unki Safaltayein, Vifaltayein Aur Itihas Me Unki Bhoomika by Ishtiaq Ahmed

(3 customer reviews)

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जिन्ना – इश्तियाक अहमद

उनकी सफलताएँ, विफलताएँ और इतिहास में भूमिका


मुहम्मद अली जिन्ना भारत विभाजन के सन्दर्भ में अपनी भूमिका के लिए निन्दित और प्रशंसित दोनों हैं। साथ ही उनकी मृत्यु के उपरान्त उनके इर्द- गिर्द विभाजन से जुड़ी अफवाहें खूब फैलीं।

इश्तियाक अहमद ने कायद-ए-आजम की सफलता और विफलता की गहरी अन्तर्दृष्टि से पड़ताल की है। इस पुस्तक में उन्होंने जिन्ना की विरासत के अर्थ और महत्त्व को भी समझने की कोशिश की है। भारतीय राष्ट्रवादी से एक मुस्लिम विचारों के हिमायती बनने तथा मुस्लिम राष्ट्रवादी से अन्ततः राष्ट्राध्यक्ष बनने की जिन्ना की पूरी यात्रा को उन्होंने तत्कालीन साक्ष्यों और आर्काइवल सामग्री के आलोक में परखा है। कैसे हिन्दू मुस्लिम एकता का हिमायती दो-राष्ट्र की अवधारणा का नेता बना; क्या जिन्ना ने पाकिस्तान को मजहबी मुल्क बनाने की कल्पना की थी-इन सब प्रश्नों को यह पुस्तक गहराई से जाँचती है। आशा है इस पुस्तक का हिन्दी पाठक स्वागत करेंगे।

JINNAH: His Successes, Failures and Role in History का हिन्दी अनुवाद

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SKU: Jinna _ Paperback Categories: ,

Description

Jinna : Unki Safaltayein, Vifaltayein Aur Itihas Me Unki Bhoomika
by Ishtiaq Ahmed
Translated by Alok Bajpeyi, Alka Bajpeyi


About The Author

इश्तियाक अहमद का जन्म लाहौर (1947) में हुआ। इनकी आरम्भिक शिक्षा प्रसिद्ध फॉर्मन क्रिश्चियन कॉलेज लाहौर में हुई।
इश्तियाक अहमद स्टॉकहोम यूनिवर्सिटी, स्वीडन में राजनीतिशास्त्र के प्रोफेसर एमिरिटस हैं। वह इंस्टीट्यूट ऑफ साउथ एशियन स्टडीज (ISAS), सिंगापुर की नेशनल यूनिवर्सिटी में मानद सीनियर फेलो हैं, जहाँ उन्होंने सीनियर रिसर्च प्रोफेसर के रूप में 2007-2010 तक कार्य किया। अद्यतन वह गवर्नमेण्ट कॉलेज, लाहौर में विजिटिंग प्रोफेसर हैं।
इन्होंने स्टॉकहोम यूनिवर्सिटी से राजनीतिशास्त्र में पी-एच.डी. प्राप्त की। अभी तक इनकी सात किताबें प्रकाशित हैं, जो विश्व भर के बौद्धिक समुदाय में न केवल पाकिस्तान बल्कि दक्षिण एशिया के आधुनिक इतिहास, राजनीति, सम्भावनाओं व चुनौतियों को समझने की दृष्टि से चर्चित रही हैं। इनमें ‘The Punjab Bloodied, Partitioned and Cleansed: Unravelling The 1947 Tragedy through Secret British Reports and First-Person Accounts और Pakistan : The Garrison State-Origins, Evolution, Consequences, 1947-2011 शामिल हैं।
इनकी शोध रुचियों में राजनीतिक इस्लाम, नृजातीयता, राष्ट्रवाद, अल्पसंख्यक व समूहगत मानव अधिकार, भारत-विभाजन, पंजाबी सिनेमा जैसे विषय शामिल रहे हैं। वह विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं जैसे ‘नया दौर’, ‘डेली टाइम्स’ (लाहौर स्थित अँग्रेजी दैनिक) और ‘फ्राइडे टाइम्स’ आदि में नियमित रूप से लिखते रहे हैं।


आलोक बाजपेयी दो दशक से अधिक समय से महात्मा गांधी और भारतीय राष्ट्रीय आन्दोलन के विविध पहलुओं पर लिखते रहे हैं। आधुनिक इतिहास की बिपन चन्द्र धारा के प्रमुख हस्ताक्षरों में हैं। नेहरू मेमोरियल संग्रहालय और पुस्तकालय, तीन मूर्ति हाउस, नयी दिल्ली में फेलो रहे डॉ. बाजपेयी को भारतीय इतिहास कांग्रेस द्वारा 2011 में प्रोफेसर पी.एस. गुप्ता मेमोरियल पुरस्कार और जे.सी. झा पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
वर्तमान में आईटीएम यूनिवर्सिटी, ग्वालियर में हैं।


अलका बाजपेयी महात्मा गांधी व शान्ति अध्ययन की अध्येता हैं। सम्प्रति महात्मा गांधी और महिला सशक्तीकरण विषय पर एक पुस्तक पर काम कर रही हैं।


Additional information

Author

Ishtiaq Ahmed

Translation

Alok Bajpeyi, Alka Bajpeyi

Binding

Paperback

Language

Hindi

Pages

680

ISBN

9789362013347

Publisher

Setu Prakashan Samuh

Publication date

10-02-2024

3 reviews for Jinna : Unki Safaltayein, Vifaltayein Aur Itihas Me Unki Bhoomika by Ishtiaq Ahmed

  1. Unnati Prakash

    जिन्ना की विरासत” एक मंचनीय पुस्तक है जो जिन्ना के भूमिका पर गहराई से परख कर उसके राष्ट्रीय और मजहबी दृष्टिकोण को बताती है। इसकी समीक्षा में, इश्तियाक अहमद ने उनके कार्यों के अर्थ को निरूपित किया है।

  2. Monika Yadav

    EXCELLENT BOOK

  3. Asgar Khan

    इश्तियाक अहमद की यह पुस्तक जिन्ना की जटिल यात्रा और विभाजन में उनकी भूमिका का गहराई से विश्लेषण करती है। इसमें ऐतिहासिक साक्ष्यों के साथ उनकी विरासत को समझने की प्रयास किया गया है।

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