MAHANADI By Anita Agnihotri Trans. By Lipika Saha

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छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले के सीहावा पहाड़ की गोद से निकलकर महानदी छत्तीसगढ़ और ओड़िशा से होती हुई हजार किलोमीटर से भी अधिक रास्ता तय करती हुई बंगाल की खाड़ी में आकर मिल गयी है। ओड़िशा में सम्बलपुर के विशाल जलभण्डार हीराकुद को पीछे छोड़कर सुवर्णपुर और बौद्ध जिले की प्रत्नरंजित पृष्ठभूमि, सातकोशिया की गहरी अरण्यसंकुल घाटी के मध्य से बहती हुई महानदी नयागढ़, कटक और जगतसिंहपुर की समतल भूमि को अतिक्रम करती बढ़ती चली है, अन्ततः पारादीप के पास आकर बंगाल की खाड़ी तक पहुँचकर उसकी यात्रा सम्पन्न होती है।

महानदी के इस दीर्घ यात्रापथ में कहीं पर्वतमण्डित पठारभूमि है, तो कहीं निविड़ अरण्य है, कहीं जनपद है, तो कहीं जन-शून्यता। इसके उत्स अंचल में पाषाण युग के अवशेष पाये गये हैं, इस पर प्राचीन गीतकथा भी है। महानदी के जल की जंगमता से आकर्षित होकर किसानों, बुनकरों, विभिन्न कारीगरों ने इसके तट पर अपना बसेरा बसाया है। नदी पर बाँध बनने के यज्ञ में सैकड़ों गाँव डूब गये, उजाड़े गये भूमिपुत्र विस्थापित होकर आँखों में आँसू लिये नये आश्रय की तलाश में निकल पड़े थे। ‘महानदी’ उपन्यास एक चलनशील जंगम सत्ता की गाथा है, मनुष्य के जीवित रहने का संकट एवं उल्लास जहाँ नदी के चलन को घेरकर ही आवर्तित होता रहता है।

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Description

 

About the Author:

अनिता अग्निहोत्री जन्म : 10 अक्टूबर, 1956. शिक्षा : प्रेसीडेन्सी कॉलेज (कोलकाता) से अर्थशास्त्र में ऑनर्स के साथ स्नातक। उसके उपरान्त कैलकाटा यूनिवर्सिटी एवं स्कूल ऑफ डेवलपमेण्ट इकोनॉमिक्स, यूनिवर्सिटी ऑफ ईस्ट ऐंग्लिया (यू.के.) से अर्थशास्त्र में एम.ए.। अनिता जी 1980 के बैच की आई.ए.एस. रह चुकी हैं। कृतियाँ : मात्र तेरह वर्ष की उम्र में विश्ववन्दित व्यक्तित्व सत्यजित राय की बाल-किशोर पत्रिका सन्देश में प्रकाशित पहली कविता के साथ साहित्य की दुनिया में पदार्पण। पहली कहानी बांग्ला की श्रेष्ठ साहित्यिक पत्रिका देश में प्रकाशित। कास्ते, महुलडिहार दिने, महानदी, महाकान्तार, लवणाक्त, आयनाय मानुष नाई जैसे ग्यारह सशक्त उपन्यासों के अलावा पाँच कहानी संग्रह, कई काव्य-संग्रह एवं संस्मरण भी हैं। पुरस्कार एवं सम्मान : बंगीय साहित्य परिषद्, शरत् पुरस्कार, प्रतिभा बसु साहित्य पुरस्कार, तापसी बसु पुरस्कार, कोलकाता विश्वविद्यालय द्वारा भुवन मोहिनी दासी स्वर्ण पदक, जैसे कई गरिमामय पुरस्कार एवं सम्मान । अनिता अग्निहोत्री फिलहाल नर्मदा बाँध के विस्थापित जनों के ऊपर प्लावन जल नामक उपन्यास लिख रही हैं।

Additional information

ISBN

9789392228995

Author

Anita Agnihotri Trans. By Lipika Saha

Binding

Paperback

Pages

384

Publication date

25-02-2023

Imprint

Setu Prakashan

Language

Hindi

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