Jamin Aur Pani Ke Darmyan – Shridhar Nandedkar

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ज़मीन और पानी के दरमियान – श्रीधर नांदेड़कर


श्रीधर नांदेड़कर की कविताएँ सूक्ष्म अवलोकन के साथ-साथ कहन के नये तरीकों का आविष्कार करती हैं और समकालीन जीवन के लिए एक नये रूपक की खोज करती हैं। प्रख्यात मराठी कवि श्रीधर नांदेड़कर की कविताओं के हिन्दी अनुवाद का पुस्तक रूप में प्रकाशन एक महत्त्वपूर्ण घटना है। मराठी से अधिक यह हिन्दी समाज के लिए महत्त्वपूर्ण है क्योंकि नदी या भाषा वही पृथुला होती है जिसमें अनेक नदियों या भाषाओं के जल आकर मिलते रहते हैं। किसी भी इतर भाषा से अपनी भाषा में रूपान्तर अपनी भाषा को नयी, भिन्न उर्वर दृष्टि तथा चेतना और भावबोध से सम्पन्न करता है। श्रीधर नांदेड़कर की कविताएँ हिन्दी कविता को नये भावबोध से परिचित कराती हैं। सुनीता डागा के समर्थ एवं समतुल्य अनुवाद मराठी कविता के एक पृथक् स्वाद से हमें समृद्ध करते हैं।


 

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Description

 

About the Author:

सुनीता डागा शिक्षा : एम.ए. अनुवादक और कवयित्री प्रकाशित किताबें : दाह (मराठी लेखक ल.सि. जाधव की दलित आत्मकथा का हिन्दी अनुवाद) 2016, सुलझे सपने राही के (मराठी लेखक भारत सासणे के उपन्यास का हिन्दी अनुवाद) 2017 सदानीरा का ग्रीष्मकालीन अंक-2019, समकालीन मराठी स्त्री कविता (मराठी कवयित्रियों की कविताओं के हिन्दी अनुवाद)। कई महत्त्वपूर्ण मराठी-हिन्दी साहित्यिक पत्रिकाओं हेतु अनुवाद में संलग्न ।

Additional information

ISBN

9788196213893

Author

Shridhar Nandedkar Trans. By Sunita Daga

Binding

Paperback

Pages

167

Publication date

25-02-2023

Publisher

Setu Prakashan Samuh

Imprint

Setu Prakashan

Language

Hindi

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