Description
UPNIVESH : SANSKRITIK ANYAYA KO KAISE SAMJHEN by Rajeev Bhargva
About The Author
राजीव भार्गव
राजीव भार्गव का जन्म 1954 में हुआ। शिक्षा दिल्ली और ऑक्सफ़ोर्ड से प्राप्त की। दिल्ली विश्वविद्यालय और जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय में अध्यापन किया। सेंटर फॉर द स्टडी ऑफ डेवलपिंग सोसायटीज, दिल्ली में अनेक वर्षों तक सीनियर फ़ेलो एवं निदेशक रहे। प्रसिद्ध राजनीतिक सिद्धान्तकार एवं धर्मनिरपेक्ष सिद्धान्तों के अनुपम व्याख्याकार।
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नरेश गोस्वामी
नरेश गोस्वामी ने धर्म और अनौपचारिक राजनीति के अन्तर्सम्बन्धों पर दिल्ली विश्वविद्यालय से शोध किया है। वे विकासशील. समाज अध्ययन पीड़ (सीएसडीएस) द्वारा प्रकाशित समाज विज्ञानों की पत्रिका प्रतिमान समय समाज संस्कृति में आठ वर्षों तक सहायक सम्पादक रहे हैं। उन्होंने कुछ महत्त्वपूर्ण पुस्तकों का अनुवाद भी किया है।






















madan kumar –
राजीव भार्गव ने सांस्कृतिक अन्याय की जटिल अवधारणाओं को स्पष्ट और तार्किक ढंग से प्रस्तुत किया है। गंभीर पाठकों के लिए अत्यंत महत्त्वपूर्ण कृति।
Nisha Diwan –
संस्कृति, न्याय और उपनिवेशवाद के संबंधों पर गंभीर चिंतन प्रस्तुत करने वाली यह पुस्तक जिज्ञासु पाठकों और विद्यार्थियों के लिए समान रूप से उपयोगी है।