Description
HO CHI MINH : MASTER KI VIRASAT by V.K. Singh
हो ची मिन्ह : (19 मई सन् 1890-2 सितम्बर सन् 1969) विश्व में मार्क्स, एंगेल्स, लेनिन,
स्टालिन की साम्यवादी परम्परा की एशियाई कड़ी माने जाने वाले विचारक हैं। वे वियतनाम के प्रथम राष्ट्रपति थे। उनके जीवन की प्रत्येक गतिविधि साम्यवादियों के लिए सर्वहारा क्रान्ति तथा राष्ट्रवादियों के लिए विश्व की प्रबलतम साम्राज्यवादी शक्तियों- अमेरिका और फ्रान्स-के विरुद्ध संघर्ष की लम्बी शिक्षाप्रद कहानी रही है। इन सभी संग्रामों का प्रेरणास्त्रोत हो ची मिन्ह के अनुसार मार्क्सवाद, लेनिनवाद और सर्वहारा का अन्तरराष्ट्रीयतावाद ही रहा है। यदि लेनिन ने रूस में वर्ग संघर्ष का उदाहरण प्रस्तुत किया तो हो ची मिन्ह ने राष्ट्रीय मुक्ति संघर्ष का उदाहरण वियतनाम के माध्यम से प्रस्तुत किया। उन्होंने स्पष्ट कहा, जिस प्रकार पूँजीवाद का अन्तरराष्ट्रीय रूप साम्राज्यवाद है उसी प्रकार वर्ग संघर्ष का अन्तरराष्ट्रीय रूप मुक्ति संघर्ष है।
वी. के. सिंह : 15 मई 1950 को वाराणसी में जन्म।
शिक्षा: एम.ए. (अर्थशास्त्र), एम.ए. (जेंडर और विकास), एल.एल.बी. ।
कार्यक्षेत्र : जीवन बीमा निगम से 2010 में प्रबन्धक (ग्रा. सेवा/केन्द्रीय सूचना अधिकारी) पद से सेवानिवृत्त। सामाजिक-सांस्कृतिक ट्रेड यूनियन आन्दोलनों का आधी सदी से अधिक का अनुभव। वाराणसी में ‘कला कम्यून’ नाम से युवा कलाकारों की अभिनव सांगठनिकता की संकल्पना, स्थापना व संचालन। सेवानिवृत्ति के बाद राजनीतिक-आर्थिक-जेंडर विषयों पर शोध व लेखन। फिदेल कास्त्रो, चे ग्वेरा, ह्यूगो चावेज और हो ची मिन्ह की जीवनियों सहित विभिन्न ऐतिहासिक राष्ट्रीय-अन्तरराष्ट्रीय सामाजिक-राजनीतिक सन्दर्भों एवं स्त्री विमर्श पर बीस से अधिक पुस्तकें प्रकाशित।



























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