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  • Renu : Ek Jeevani (Vol Ii) By Bharat Yayavar

    भारत यायावर ने अस्वस्थ होते हुए भी बहुत लगन और अध्यवसाय से फणीश्वरनाथ रेणु की जीवनी लिखना शुरू किया था। इसका पहला भाग हमने रजा पुस्तक माला में प्रकाशित किया था। उनकी अद्वितीय रेणु-निष्ठा के बावजूद यह विशद जीवनी अधूरी रह गयी ।

    234.00275.00
  • MERE BADE BHAI SHAMSHER By Dr. Tej Bahadur Chaudhary

    हमारे एक मूर्धन्य कवि शमशेर बहादुर सिंह के निजी और पारिवारिक जीवन के बारे में हम बहुत कम जानते हैं। वे इतने संकोची थे कि इस बारे में उन्होंने कभी कोई सूत्र भी हमें नहीं दिये। उनके भाई तेज बहादुर सिंह ने बरसों पहले उनपर जो पुस्तक लिखी थी उसने किसी हद तक उस अभाव की पूर्ति की थी

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  • Renu : Ek Jeevani (Vol Ii) By Bharat Yayavar

    भारत यायावर ने अस्वस्थ होते हुए भी बहुत लगन और अध्यवसाय से फणीश्वरनाथ रेणु की जीवनी लिखना शुरू किया था। इसका पहला भाग हमने रजा पुस्तक माला में प्रकाशित किया था। उनकी अद्वितीय रेणु-निष्ठा के बावजूद यह विशद जीवनी अधूरी रह गयी ।

    420.00525.00
  • VAA GHAR SABSE NYAARA – Dhruva shukla

    VAA GHAR SABSE NYAARA – Dhruva shukla

    हिन्दी कवि कथाकार ध्रुव शुक्ल ने जो प्रयत्न किया है, वह मूल्यवान् और कुमार जी के बारे में अब तक जो लिखा-समझा गया है, उसमें कुछ नया, रोचक और सार्थक जोड़ता है।

    280.00350.00
  • Bapu (jeewani in 7 Volumes) by Madhukar Upadhyay

    बापू` मोहनदास करमचंद गाँधी के `महात्मा गाँधी` बनने की कहानी है। गाँधी से जुड़ी छोटी-छोटी घटनाओं एवं संबद्ध परिस्थितियों का उल्लेख इस पुस्तक में किया गया है। यह पुस्तक ऐतिहासिक धारावाहिक से ज्यादा कथात्मक धारावाहिक है। यहाँ तिथियाँ अंकित नहीं हैं, गाँधी के जीवन की कथा है।

    2,660.00
  • Kaal Ke Kapal Par Hastakshar : Harishankar Parsai Ki Pramanik Jeevani

    इस जीवनी में परसाई के अलक्षित जीवन प्रसंगों को पढ़ना रोमांचकारी है। इसमें लक्षित परसाई से कहीं अधिक अलक्षित परसाई हैं जिन्हें जाने बिना वह चरितव्य समझ नहीं आएगा, जो परसाई के मनुष्य और लेखक को एपिकल बनाता है। जीवनी जीवन चरित है। ये गद्य और पद्य दोनों में लिखी गयी हैं। संस्कृत, प्राकृत और अपभ्रंश में जीवनी

    532.00625.00