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Hukm-E-Safar Diya Tha Kyon by ShantiVeer Kaul
About The Author
शान्तिवीर कौल प्रख्यात कवि और फ़िल्मकार रहे हैं।
इनका जन्म (1953) कश्मीर में हुआ तथा इनके पिता दीनानाथ नादिम कश्मीरी भाषा के बहुत बड़े कवि हुए हैं जिन्होंने इस भाषा में ‘ आज़ाद नज्म’ की शुरुआत की और कश्मीरी भाषा की पहली कहानी भी लिखी। वे जम्मू-कश्मीर विधानसभा के सदस्य भी रहे थे।
शान्तिवीर कौल ने अपने कामकाजी जीवन का आरम्भ दूरदर्शन में बतौर प्रोड्यूसर किया। कुछ वर्षों बाद वे प्राइवेट सेक्टर में चले गये और स्वतन्त्र निर्देशक के रूप में कई महत्त्वपूर्ण फ़िल्में बनायीं और टेलीविजन कार्यक्रमों का निर्माण भी किया। संचार-माध्यम से जुड़ी कई संस्थाओं में अतिथि प्राध्यापक होने के साथ-साथ समाचारपत्रों में स्तम्भ लिखे। इस दौरान उनकी साहित्य यात्रा जारी रही। अँग्रेजी और उर्दू में कई कविताएँ प्रकाशित हुईं।’ हुक्म-ए-सफ़र दिया था क्यों’ इनकी उर्दू कविताओं का पहला संकलन है।















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