Description
MOUNT EVEREST by Arun Kumar Asafal
About The Author
अरुण कुमार असफल
पिछले एक दशक से शोधपरक कथेतर या नॉन फिक्शन लेखन में व्यस्त। उससे पहले तीन दशकों तक कथा लेखन करते रहे। सन् 2006 में आयी कहानियों की पहली किताब पौ फटने से पहले की कहानियों पर वरिष्ठ साहित्यकार श्रीलाल शुक्ल ने टिप्पणी की थी-” लेखक के विषयवस्तु सम्बन्धी वैविध्य और अनुभव की विस्तीर्णता और उन अनुभवों को सहज कल्पनाशीलता के सहारे अपनी खास शैली में कहानी बना देने की क्षमता विस्मयजनक रूप से एक नयेपन और ताजगी का अहसास कराती है।” सन् 2008 में लेखक की एक चर्चित लम्बी कहानी पाँच का सिक्का के बारे में वरिष्ठ साहित्यकार गिरिराज किशोर की टिप्पणी थी- “ऐसी कहानियाँ कभी-कभी लिखी जाती हैं।”
हिन्दी कथा लेखन में ऐसी उल्लेखनीय उपस्थिति के बाद, लेखक की कथेतर लेखन में दिलचस्पी तब हुई जब 2014 में वह राष्ट्रीय सर्वेक्षण संग्रहालय के प्रभारी बने। वहाँ लेखक को क्यूरेटर की भूमिका निभाते हुए हर किसी की जिज्ञासा को शान्त करना पड़ता था जिसके लिए निरन्तर अध्ययन करते हुए अपने को अद्यतन करना होता था। वहीं से नॉन फिक्शन लेखन की ओर झुकाव हुआ। पहली किताब 78 डिग्री 2019 में आयी थी।
सम्प्रति : स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति के पश्चात पूर्णकालिक लेखन।

























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