Description
Nainsukh : Samantar Cinema Ka Punaravalokan By Sushobhit
इस पुस्तक में सत्यजित रायः ऋत्विक घटक, मृणाल सेन; हृषिकेश मुखर्जी, मणि कौल; श्याम बेनेगल; गोविन्द निहलानी; सई परांजपे; शशि कपूर; गौतम श्रोष, केतन मेहता; गुलजार, मुजफ्फर अली; सुचित्रा सेन; उत्तम कुमार; नसीरुद्दीन शाह, ओम पुरी; शबाना आजमी; स्मिता पाटिल; दीप्ति नवल; फारूख शेख रजित कपूर; इरफान; मनोज बाजपेयी; सदाशिव अमरापुरकर; राजकुमार राव, मीता वशिष्ठः अरुण खोपकर, प्रदीप कृष्ण; चैतन्य तम्हाणे; गुरविन्दर सिंह; अमित दत्ता।
सुशोभित
13 अप्रैल 1982 को मध्यप्रदेश के झाबुआ में जन्म। शिक्षा-दीक्षा उज्जैन से। अँग्रेजी साहित्य में स्नातकोत्तर । एक साल पत्रकारिता की भी अन्यमनस्क पढ़ाई की। भोपाल में निवास। कविता की 4 पुस्तकें ‘मैं बनूँगा गुलमोहर’, ‘मलयगिरि का प्रेत’, ‘दुख की दैनन्दिनी’ और ‘धूप का पंख’ प्रकाशित। गद्य की 16 पुस्तकें प्रकाशित, जिनमें लोकप्रिय फ़िल्म- गीतों पर ‘माया का मालकीस’, क्रिस्सों की किताब ‘माउथ ऑर्गन’, रम्य-रचनाओं का संकलन ‘सुनो बकुल’, महात्मा गांधी पर केन्द्रित ‘गांधी की सुन्दरता’, जनपदीय जीवन की कहानियों का संकलन ‘बायस्कोप’, अन्तः प्रक्रियाओं की पुस्तक ‘कल्पतरु’ विश्व साहित्य पर ‘दूसरी क़लम’, भोजनरत्ति पर ‘अपनी रामरसोई’, स्त्री-पुरुष सम्बन्धों पर ‘पवित्र पाप’, भ्रमणरति पर ‘बावरा बटोही’, विश्व-सिनेमा पर ‘देखने की तृष्णा’, लोकप्रिय विज्ञान पर’ आइंस्टाइन के कान’, फुटबॉल पर ‘मिडफील्ड’, सत्यजित राय के सिनेमा पर ‘अपूर्व संसार’, रजनीश पर ‘मेरे प्रिय आत्मन् ‘ और पशु-अधिकारों पर ‘मैं वीगन क्यों हूँ’ सम्मिलित हैं। यह 21वीं पुस्तक। स्पैनिश कवि फ़ेदरीको गार्सीया लोर्का के पत्रों की एक पुस्तक, चित्रकार सैयद हैदर रजा की आत्मकथा और अँग्रेजी के लोकप्रिय लेखक चेतन भगत के छह उपन्यासों का अनुवाद भी किया है। ‘सुनो बकुल’ के लिए वर्ष 2020 का स्पन्दन युवा पुरस्कार।




























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