Description
महात्मा उपन्यास अनेक पुरस्कारों से सम्मानित। दो समीक्षा ग्रन्थों को शिवाजी विश्वविद्यालय का उत्कृष्ट समीक्षा ग्रन्थ पुरस्कार। महात्मा फुले के जीवन और कार्य सम्बन्धी विषयों पर वक्ता के रूप में विख्यात ।
About the Author:
रवीन्द्र ठाकुर
शिवाजी विश्वविद्यालय कोल्हापुर में भूतपूर्व मराठी विभाग प्रमुख। कहानी, कविता, उपन्यास, नाटक, समीक्षा, सम्पादन, अनुवाद आदि विभिन्न रूपों में लेखन। आज तक लगभग 25 ग्रन्थ प्रकाशित। बहुचर्चित ‘महात्मा’ उपन्यास का अँग्रेजी अनुवाद प्रकाशित। महात्मा फुले के जीवन पर आधारित ‘क्रान्ति संगर’ नाटक का हिन्दी अनुवाद प्रकाशनाधीन।
‘महात्मा’ उपन्यास अनेक पुरस्कारों से सम्मानित। दो समीक्षा ग्रन्थों को शिवाजी विश्वविद्यालय का उत्कृष्ट समीक्षा ग्रन्थ पुरस्कार। महात्मा फुले के जीवन कार्य सम्बन्धी विषयों पर वक्ता के रूप में विख्यात।
डॉ. गोरख थोरात
जन्म: 1969। डॉ. गोरख थोरात समकालीन हिन्दी
अनुवादकों में एक चर्चित नाम है। हिन्दी में आपकी अनेक आलोचनात्मक पुस्तकें प्रकाशित हैं, परन्तु आपकी पहचान बतौर एक अनुवादक बनी हुई है। इन्होंने ‘हिन्दू-जीने का समृद्ध कबाड़’, ‘देखणी’, ‘जोगवा’, ‘बालगन्धर्व’, ‘तर्क के खूँट से’, ‘और आखिरकार’, ‘महात्मा’, ‘प्रधानमन्त्री नेहरू’, ‘नदीष्ट’ समेत विविध विधाओं की बीस पुस्तकों का अनुवाद किया है। इनके अलावा रता फाउंडेशन, नयी दिल्ली के लिए ‘चित्रमय भारत’ (चित्रकला), ‘घरानेदार गायकी’ (संगीत), ‘रुजुवात (आलोचना) तथा ‘पोत’ (स्थापत्य) आदि कला-सम्बन्धी रचनाओं का भी अनुवाद किया है।
आपको ‘हिन्दू-जीने का समृद्ध कबाड़’ उपन्यास के अनुवाद के लिए महाराष्ट्र राज्य हिन्दी साहित्य अकादमी का मामा वरेरकर पुरस्कार, ‘देखणी’ कविता संकलन के अनुवाद के लिए अमर उजाला फाउंडेशन का’ भाषावन्धु’ पुरस्कार तथा ‘बालगन्धर्व’ उपन्यास के अनुवाद के लिए Valley of Words International Literary and Arts Festiveal 2019 Dehradun का श्रेष्ठ अनुवाद पुरस्कार प्राप्त हो चुका है। सम्प्रति आप बतौर हिन्दी एसोसिएट प्रोफेसर एस.पी. कॉलेज, पुणे में कार्यरत हैं।


























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