-23.65%

Mahatma – Ravindra Thakur Translation By Gorakh Thorat

Original price was: ₹575.00.Current price is: ₹439.00.

महात्मा उपन्यास अनेक पुरस्कारों से सम्मानित। दो समीक्षा ग्रन्थों को शिवाजी विश्वविद्यालय का उत्कृष्ट समीक्षा ग्रन्थ पुरस्कार। महात्मा फुले के जीवन और कार्य सम्बन्धी विषयों पर वक्ता के रूप में विख्यात ।


सभी से समानता और सत्य से पेश आना, यही मनुष्य का धर्म है। धर्ममतों का हो-हल्ला मचाना पागलपन है। सम्पूर्ण मानवजाति जब ईश्वरीय इच्छा की निर्मिति है, तब मनुष्यों के लिए अलग-अलग धर्म कैसे हो सकते हैं? मानवता, यही एक धर्म ईश्वर ने मनुष्य को दिया है। उसका आचरण करने की बजाय देवता के नाम पर उन्होंने खुद ही कुछ लिखा है और उसे परमात्मा का आशीर्वाद प्राप्त होने की झूठी अफवाहें फैलायी हैं। वे ही लोग मनुष्य और परमात्मा के बीच बिचौलिये बन बैठे हैं। जो सम्मान केवल ईश्वर को देना उचित है, उसे अपने लिए हथियाकर उन्होंने ईश्वर को गौणत्व प्रदान किया है। यही नहीं, बल्कि उन्होंने मनुष्यों के बीच भेदभाव की दीवारें खड़ी कर मनुष्य का भुट्टा बना डाला है। उन्हें एक दूसरे के खिलाफ खड़ा किया है। अज्ञानी मनुष्य परमेश्वर के बजाय इन बिचौलियों के फेर में पड़ गया है। ईश्वर के बजाय वह इन दलालों से डरने लगा है… ये देवता, मन्दिर, ये बिचौलियों के जुल्म असली धर्मजीवन नहीं हो सकता। प्रत्येक धर्म की यही स्थिति है। असली धर्मविचार का लोप हो गया है। आज सारी मानव जाति के लिए एक समान हितकारी धर्म विचार बताने की जरूरत है। मनुष्य का धर्म-जीवन सुधर जाए तो उसके ऐहिक जीवन में सुधार होने में देर नहीं लगेगी। इसके लिए मनुष्य धर्म के प्रसार का कार्य हाथ में लेना चाहिए। व्यापक स्तर पर धर्मविषयक विचारों का प्रसार करने वाली संस्था की स्थापना करनी चाहिए… आज सभी के लिए एक समान हितकारी धर्ममार्ग उपलब्ध नहीं है। इसीलिए एक तो धर्मस्वातन्त्र्य होना चाहिए, या सभी लोग अपना सकें ऐसा धर्ममार्ग निर्माण करना चाहिए…
– इसी पुस्तक से


One Click Order Via RazorPay Button


Available on Amazon Kindle

In stock

SKU: mahatma- Ravindra Thakur Category:

Description

महात्मा उपन्यास अनेक पुरस्कारों से सम्मानित। दो समीक्षा ग्रन्थों को शिवाजी विश्वविद्यालय का उत्कृष्ट समीक्षा ग्रन्थ पुरस्कार। महात्मा फुले के जीवन और कार्य सम्बन्धी विषयों पर वक्ता के रूप में विख्यात ।


About the Author:

रवीन्द्र ठाकुर
शिवाजी विश्वविद्यालय कोल्हापुर में भूतपूर्व मराठी विभाग प्रमुख। कहानी, कविता, उपन्यास, नाटक, समीक्षा, सम्पादन, अनुवाद आदि विभिन्न रूपों में लेखन। आज तक लगभग 25 ग्रन्थ प्रकाशित। बहुचर्चित ‘महात्मा’ उपन्यास का अँग्रेजी अनुवाद प्रकाशित। महात्मा फुले के जीवन पर आधारित ‘क्रान्ति संगर’ नाटक का हिन्दी अनुवाद प्रकाशनाधीन।
‘महात्मा’ उपन्यास अनेक पुरस्कारों से सम्मानित। दो समीक्षा ग्रन्थों को शिवाजी विश्वविद्यालय का उत्कृष्ट समीक्षा ग्रन्थ पुरस्कार। महात्मा फुले के जीवन कार्य सम्बन्धी विषयों पर वक्ता के रूप में विख्यात।


डॉ. गोरख थोरात
जन्म: 1969। डॉ. गोरख थोरात समकालीन हिन्दी
अनुवादकों में एक चर्चित नाम है। हिन्दी में आपकी अनेक आलोचनात्मक पुस्तकें प्रकाशित हैं, परन्तु आपकी पहचान बतौर एक अनुवादक बनी हुई है। इन्होंने ‘हिन्दू-जीने का समृद्ध कबाड़’, ‘देखणी’, ‘जोगवा’, ‘बालगन्धर्व’, ‘तर्क के खूँट से’, ‘और आखिरकार’, ‘महात्मा’, ‘प्रधानमन्त्री नेहरू’, ‘नदीष्ट’ समेत विविध विधाओं की बीस पुस्तकों का अनुवाद किया है। इनके अलावा रता फाउंडेशन, नयी दिल्ली के लिए ‘चित्रमय भारत’ (चित्रकला), ‘घरानेदार गायकी’ (संगीत), ‘रुजुवात (आलोचना) तथा ‘पोत’ (स्थापत्य) आदि कला-सम्बन्धी रचनाओं का भी अनुवाद किया है।
आपको ‘हिन्दू-जीने का समृद्ध कबाड़’ उपन्यास के अनुवाद के लिए महाराष्ट्र राज्य हिन्दी साहित्य अकादमी का मामा वरेरकर पुरस्कार, ‘देखणी’ कविता संकलन के अनुवाद के लिए अमर उजाला फाउंडेशन का’ भाषावन्धु’ पुरस्कार तथा ‘बालगन्धर्व’ उपन्यास के अनुवाद के लिए Valley of Words International Literary and Arts Festiveal 2019 Dehradun का श्रेष्ठ अनुवाद पुरस्कार प्राप्त हो चुका है। सम्प्रति आप बतौर हिन्दी एसोसिएट प्रोफेसर एस.पी. कॉलेज, पुणे में कार्यरत हैं।



Additional information

ISBN

9788196187910

Author

Ravindra Thakur Trans. By Gorakh Thorat

Binding

Paperback

Pages

576

Publication date

25-02-2023

Imprint

Setu Prakashan

Language

Hindi

Reviews

There are no reviews yet.

Be the first to review “Mahatma – Ravindra Thakur Translation By Gorakh Thorat”

You may also like…

0
YOUR CART
  • No products in the cart.