Description
EKRASA NAHIN HOTA JEEVAN by Krishnanath
Edited by Dr. Alok Kumar
About The Author
कृष्णनाथ जी का जन्म 26 जून 1934 को वाराणसी में हुआ। काशी विद्यापीठ में अर्थशास्त्र के प्राध्यापक रहे। आचार्य नरेन्द्रदेव, जयप्रकाश नारायण, अच्युत पटवर्धन, राममनोहर लोहिया के सान्निध्य में आन्दोलनों में भूमिका। कई देशों के अलावा हिमालय के अनेक क्षेत्रों की गहन यात्रा। सृजनात्मक लेखन के लिए राममनोहर लोहिया सम्मान। बौद्ध दर्शनशास्त्री के रूप में प्रतिष्ठित । बौद्ध दर्शन पर 1970-80 के दशक में विश्वप्रसिद्ध विचारक जे. कृष्णमूर्ति से लम्बी बातचीत। कल्पना, आर्थिकी, परिसंवाद, मैनकाइण्ड, क-ख-ग, जन समेत कई प्रतिष्ठित पत्रिकाओं के सम्पादक मण्डल में शामिल रहे।
कुछ चर्चित पुस्तकें
1. भारत के आधुनिकीकरण में बौद्धिक वर्ग की भूमिका; 2. इम्पैक्ट ऑफ फॉरेन एड ऑन इण्डियाज फॉरेन पॉलिसीज- इकोनॉमिक, पॉलिटिकल डेवलपमेण्ट एण्ड कल्चरल चेंज; 3. स्पीति में बारिश; 4. किन्नर धर्मलोक; 5. लद्दाख में राग-विराग; 6. पृथ्वी परिक्रमा; 7. बौद्ध निबन्धावली; 8.हिमाल यात्रा; 9. कुमाऊँ यात्रा; 10. किन्नौर यात्रा; 11. नये जीवन दर्शन की सम्भावना।
डॉ. आलोक कुमार (सम्पादक)
काशी विद्यापीठ के प्रसिद्ध स्वतन्त्रता सेनानी पण्डित विश्वनाथ शर्मा जी के पुत्र जयनाथ शर्मा और चन्द्रा शर्मा जी की सबसे छोटी सन्तान के रूप में 1967 में जन्म लेने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। परिवार में समाजवाद के सबसे सशक्त हस्ताक्षर डॉ रंगनाथ जी और प्रोफेसर कृष्णनाथ जी से संस्कारित होने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। स्कूल की शिक्षा वाराणसी के प्रसिद्ध सेण्ट्रल हिन्दू स्कूल में हुई। बीए से लेकर सीनियर फेलोशिप, समाजशास्त्र विभाग, काशी हिन्दू विश्वविद्यालय से सम्बद्ध रहे। साहित्य और यात्रा का संस्कार कृष्णनाथ जी की कृतियों को पढ़कर और उनके सान्निध्य को पाकर पुष्ट हुआ। जब अवसर मिला साहित्य सेवा में समर्पित रहे। सम्प्रति कृष्णनाथ प्रतिष्ठान के सचिव हैं।























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