Description
THE REPUBLIC by PLATO
अनिल माहेश्वरी
जन्म : मेरठः पचास वर्ष का पत्रकारिता का अनुभवः ‘हिन्दुस्तान टाइम्स’ से विशेष संवाददाता के पद से सेवानिवृत्त।
अँग्रेजी में ‘अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी इंस्टीट्यूशन ऑफ लर्निंग ऑर आइडेण्टिटी’, ‘पोलराइज्ड टाइम्स लिविंग इन इण्डिया टुडे’, ‘कम्पल्सिव नोज पिकिंग एण्ड अदर टू टेल्स’, ‘मून स्टिल शाइंस : एन एनवायर्नमेण्टल इशू’, ‘राइट टु इनफॉर्मेशन ए नो-विन सिचुएशन’ सहित सामयिक विषयों पर एक दर्जन से अधिक किताबों का प्रकाशन। हिन्दी में ‘मस्लक-ए-आला हजरत बरेलवी’, ‘… हाजिर हों आधुनिक न्यायिक दायरे में रामायण की पुनर्यात्रा’; हिन्दी में अनुवाद कार्य’ सभ्यता के कोने’ (वेरियर एल्विन और भारतीय आदिवासी समाज), ‘दी रिपब्लिक’ (प्लेटो कृत)।
सम्प्रति : नोएडा में निवास एवं स्वतन्त्र लेखन।
अतिथि प्रोफेसर : चाणक्य राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय, पटना।
शंभूनाथ शुक्ल
जन्म: 14 फ़रवरी 1955.
शिक्षा : कानपुर विश्वविद्यालय से स्नातक।
साहित्य और लेखन का शौक बचपन से रहा। पिता राम किशोर शुक्ल अवधी के प्रतिष्ठित कवि थे इसलिए साहित्यकारों की संगत भी मिली। राहुल सांकृत्यायन और निराला से बचपन में मिले और घर पर रखा उनका पूरा साहित्य घोंटा। बौद्ध दर्शन में दिलचस्पी और काफी समय सारनाथ में गुजारा। पत्रकारिता की शुरुआत 1978 से की। दिनमान, साप्ताहिक हिन्दुस्तान और धर्मयुग में फ्री लांसिंग की। 1980 से दैनिक जागरण, कानपुर से अखबारी जीवन शुरू किया। 1983 से जनसत्ता दिल्ली की शुरुआती टीम में शामिल हुए और चण्डीगढ़ तथा कोलकाता संस्करणों के सम्पादक रहे। 2003 से अमर उजाला में कानपुर, लखनऊ, दिल्ली व मेरठ के सम्पादक रहे।
सम्प्रति: 2013 से स्वतन्त्र लेखन।





















Sushil kumar –
Good translation, arrived on time
Vivek kumar –
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Namit Kumar –
Timeless philosophical masterpiece with profound insights into justice, governance, and the ideal state, Beautiful hindi version.
Prashant Yadav –
worth reading for everyone
pravesh Kumar Pandey –
Good book a political point of view
Discussion in नैतिकता, नियम या कानून,सत्य , तथ्य और नैतिक जिम्मेदारी मनुष्य की क्या होती है इस पर बात की गई।।
Dipak barad –
Nice Book, fast delivery