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TEEN NATAK : Roop-Aroop, Rangdhuli Aur Radha by Tripurari Sharma Edited by Renu Arora
About The Author
त्रिपुरारी शर्मा (31 जुलाई 1956-1 अक्टूबर 2023)
विख्यात नाटककार, अनुवादक और निर्देशक। दिल्ली विश्वविद्यालय से अँग्रेजी साहित्य में स्नातक तथा राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय से डिप्लोमा-निर्देशन में विशेषज्ञता। राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय से प्रोफ़ेसर (अभिनय) पद से सेवानिवृत्त ।
देश-विदेश में अनेक रंगशालाओं का संचालन।
‘अलारिप्पु’ की सह-संस्थापक। इसके लिए रेशमी रूमाल, सुमति, लाडो मौसी, सूर्यास्त के बाद के लेखन और निर्देशन के अलावा दायरे और बदलाव एकल नाटकों की प्रस्तुति। मिर्च-मसाला और हजार चौरासी की माँ जैसी चर्चित और प्रशंसित फ़िल्मों के लिए पटकथा लेखन। बालिकाओं को लेकर अरमान जैसी कई लघु-फिल्मों का लेखन और सह-निर्देशन। नुक्कड़ नाटक आन्दोलन से भी जुड़ाव।
लेखन और निर्देशन-बहू, अक्स पहेली, बिरसा मुंडा, बांझ घाटी, संपदा, काठ की गाड़ी, विक्रमादित्य का न्यायासन, लाल लाल हाथी, हैलो टु मायसेल्फ, अजीजुननिसाः सन् सत्तावन का किस्सा, शिफ़ा, पोशाक, आधा चाँद आदि के अतिरिक्त रा. ना. वि. रंगमंडल के लिए आधे अधूरे (मोहन राकेश), और चैरी आर्चर्ड (चेखब) तथा रा.ना.वि. के छात्रों के साथ बिरजीस कदर का कुनबा (लोर्का) का निर्देशन।
आशु रचित आलेख – मे बी दिस समर, शायर शटर डाउन, रंगधूलि, रूप-अरूप, राधा, बिन ठौर।
1986, संस्कृति सम्मान, दिल्ली।
1988, अमेरिका में आयोजित पहली महिला नाटककार
कॉन्फ्रेंस में भारत का प्रतिनिधित्व ।
1990, दिल्ली नाट्य संघ, दिल्ली द्वारा सम्मानित।
2001, साहित्य कला परिषद्, दिल्ली द्वारा सम्मानित ।
2005, नोबेल शान्ति पुरस्कार के लिए भारत से चयनित होने वाली 91 महिलाओं में से एक।
2012, संगीत नाटक अकादेमी, नयी दिल्ली, निर्देशन के
लिए पुरस्कार।
2019, टैगोर नेशनल फैलोशिप।
रेणु अरोड़ा
दिल्ली वि.वि. के इन्द्रप्रस्थ महाविद्यालय से हिन्दी साहित्य में बी.ए. और एम.ए. – इसी विश्वविद्यालय से एम.फिल. और पी-एच.डी.। 1999 से अध्यापन कार्य में संलग्न। नाटक और रंगमंच के अध्ययन-अध्यापन में विशेष रुचि। भारतीय विद्या भवन से हिन्दी-अँग्रेजी अनुवाद का डिप्लोमा। राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय से थियेटर एप्रिसिएशन कोर्स। विजय तेन्दुलकर, बादल सरकार, भुवनेश्वर, भीष्म साहनी आदि नाटककारों और हबीब तनवीर, ब.व.कारन्त, त्रिपुरारी शर्मा आदि रंग-निर्देशकों के नाट्यकर्म पर अनेक लेख महत्त्वपूर्ण पत्रिकाओं में प्रकाशित। राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय की ‘थियेटर-इन-एजुकेशन कम्पनी’ के लिए उन्हीं के द्वारा खेले गये चार नाटकों का रंगालेखन। इनमें से ‘रानी और पिण्टू’, ‘लाल-लाल हाथी’, ‘पानी फिर गया पानी पर’ के रंगालेख पुस्तक रूप में प्रकाशित। ‘नाट्य व्यक्तित्व : धर्मवीर भारती’ का सम्पादन। आकाशवाणी दिल्ली के महिला एवं बाल प्रभाग तथा विदेश सेवा प्रभाग (हिन्दी) से प्रसारित कई कार्यक्रमों में सक्रिय भागीदारी। वर्तमान में प्रोफेसर, हिन्दी विभाग, मिराण्डा हाउस, दिल्ली विश्वविद्यालय।

























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