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Rajneeti Mein Fansi Stri Alochana (Criticism) By Dr. Sunita
About The Author
डॉ. सुनीता
कला, साहित्य, आलोचना एवं सोलो वुमन ट्रैवलिंग में सतत सक्रिय डॉ. सुनीता मूलतः उत्तर प्रदेश की हैं। शिक्षा: एम.ए., नेट, पीएच. डी., बी.एड., बीटीसी, पूर्वांचल व काशी हिन्दू विश्वविद्यालय, वाराणसी। हिन्दी, भोजपुरी, अँग्रेजी, कोरियन तथा अन्य भाषा-साहित्य में दक्ष व सक्रिय। राष्ट्रीय अन्तरराष्ट्रीय मंचों से विविध विषयों पर व्याख्यान। साहित्य की प्रतिष्ठित पत्र-पत्रिकाओं में बहुविध विधा लेखन, अनूदित व प्रकाशित। कृतियाँ: ‘शोषण में हिस्सेदारी’ (सामाजिक विश्लेषण, 2017), ‘सियोल से सरयू’ (कहानी संग्रह, 2022), ‘शंख पर असंख्य क्रंदन’ (कविता संग्रह, 2023)। ‘सियोल से सरयू’ हेतु ‘सूरज प्रकाश मारवाह साहित्य रत्न पुरस्कार (2022), सावित्री बाई फुले यायावरी राष्ट्रीय सम्मान (2022, पुणे), आलोचना हेतु राहुल सांकृत्यायन सम्मान (2023, सिलीगुड़ी), थाई-भारत गौरव सम्मान (2023, बैंकाक), काका साहेब कालेलकर राष्ट्रीय सम्मान (2024, नयी दिल्ली), भारत-मारिशस साहित्य सम्मान (2024, मारिशस), राष्ट्रीय बाल हितैषी सम्मान (2024, राँची), कहानी संग्रह ‘सियोल से सरयू’ को गोविन्द चौपाल कथा पुरस्कार (2024-2025, बीकानेर) ।






























Puja Kumari –
डॉ. सुनीता यहाँ सिर्फ इस बात की शिकायत नहीं कर रहीं कि आलोचना के क्षेत्र में महिलाओं की संख्या कम है, बल्कि वह यह समझाती हैं कि पूरे साहित्य को एक ‘स्त्री के नजरिए’ से देखने की कितनी ज़रूरत है।
Rajeev Km Singh –
साहित्य, जेंडर विमर्श और समाज में रुचि रखने वालों को सोचने पर मजबूर करने वाली यह एक बहुत ही छोटी लेकिन बेहद धारदार किताब है।
Giriraj –
अगर आप साहित्य को एक बिल्कुल नए और अलग नजरिए से देखना चाहते हैं, तो डॉ. सुनीता की यह किताब आँखें खोलने वाली है।