Description
Marxwadi Chintan Shabdkosh – Translated by Kamal Nayan Chaubey
टॉम बॉटोमोर
जन्म : 8 अप्रैल 1920 मृत्यु 9 दिसम्बर 1992, इनका पूरा नाम थॉमस बर्टन बॉटोमोर था। वे एक प्रसिद्ध बिटिश मार्क्सवादी समाजशास्त्री थे। वे 1974-1978 के दौरान इण्टरनेशलन सोशियोलॉजिक ऐसोसिएशन के अध्यक्ष भी रहें। बॉटोमोर ने लन्दन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स (1952-1964), साइमन फ्रेजर यूनिवर्सिटी, बैंकोवर (1965-1967) तथा यूनिवर्सिटी ऑफ ससेक्स (1968-1985) में समाजशास्त्र, तथा राजनीति विज्ञान का अध्यापन किया। इन्होंने अ डिक्शनरी ऑफ मार्किंसस्ट थॉट (1983) के अतिरिक्त समाजशास्त्र और राजनीति विज्ञान से सम्बन्धित विपुल साहित्य की रचना, अनुवाद और सम्पादन का काम किया। 1963 में इनके द्वारा सम्पादित कृतियाँ अर्ली राइटिंग्स ऑफकार्ल मार्क्स तथा सलेक्टेड राइटिंग्स इन सोशियोलॉजी एण्ड सोशल फिलॉसफी प्रकाशित हुईं। इसके अतिरिक्त बॉटोमोर ने सोशियोलॉजी अ गाइड टू प्रॉब्लेम्स ऑफ लिटरेचर (1962), इलीट्स एण्ड सोसायटी (1964), मार्किंसस्ट सोशियोलॉजी (1975), मॉडर्न इण्टरप्रिटेशन्स ऑफमार्क्स (1981), थियरीज ऑफमार्डन कैपिटलिज्म (1985), द सोशलिस्ट इकोनॉमी थियरी एण्ड प्रैक्टिस (1990) इत्यादि जैसी प्रसिद्ध कृतियों की रचना की।
कमल नयन चौबे दिल्ली विश्वविद्यालय के दयाल सिंह कॉलेज के राजनीति विज्ञान विभाग में एसोसिएट प्रोफेसर हैं। इनकी कुछ प्रकाशित कृतियाँ हैं: जंगल की हकदारी :
राजनीति और संघर्ष (2015); जातियों का राजनीतिकरण : बिहार में पिछड़ी जातियों के उभार की दास्तान (2008)। इन्होंने मिथिलेश कुमार झा के साथ मिलकर इण्डियन पॉलिटिक्स एण्ड पॉलिटिकल प्रॉसेसेज : आइडियाज, इंस्टीट्यूशंस एण्ड प्रैक्टिसेज (2024), ज्याँ ट्रेज के साथ भारतीय नीतियों का सामाजिक पक्ष (2017), सुरिन्दर एस. जोधका के साथ भारतीय ग्रामीण श्रृंखला के तीन खण्डों (2019) का सम्पादन किया है। इन्होंने दलित ज्ञान मीमांसा (दो खण्ड) (2022) का सम्पादन किया है। इन्होंने जॉन रॉल्स की पुस्तक अ थियरी ऑफ जस्टिस (2022) और विल किमलिका की पुस्तक कण्टेम्पररी पॉलिटिकल फिलॉसफी (2009) जैसी कई महत्त्वपूर्ण पुस्तकों का हिन्दी अनुवाद किया है। इनके शोध-आलेख, इकोनॉमिक एण्ड पॉलिटिकल वीकली, सोशल चेंज, स्टडीज इन इण्डियन पॉलिटिक्स, इण्डियन जर्नल ऑफ पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन, आलोचना, प्रतिमान, सबलोग जैसे जर्नल और पत्रिकाओं में प्रकाशित होते रहे हैं। चौबे समाज विज्ञान की प्रतिष्ठित पत्रिका प्रतिमान की सम्पादकीय टीम से भी जुड़े रहे हैं। हाल ही में इनकी पुस्तक आदिवासी ऑर वनवासी : ट्राइबल इण्डिया एण्ड द पॉलिटिक्स ऑफ हिन्दुत्व (2025) प्रकाशित हुई है।
























VIRENDRA YADAV –
लखनऊ पुस्तक मेला के अंतिम दिन एक संग्रहणीय शब्दकोश मिला। टॉम बाटोमोर का A Dictionary of Marxist Thought अंग्रेजी का बहुप्रशंसित व संग्रहणीय शब्दकोश रहा है। मेरे पुस्तक संग्रह में अंग्रेजी में यह पहले से ही है। लेकिन इसका हिंदी में आना हिंदी पाठकों के लिए एक उपहार की तरह है। ‘मार्क्सवादी चिंतन शब्दकोश’ शीर्षक से इसका हिंदी अनुवाद कमल नयन चौबे Kamal Nayan ने किया है। अनुवाद बहुत अच्छा और बोधगम्य है। इस तरह की पुस्तक का अनुवाद श्रमसाध्य और अत्यन्त कठिन है। कमल नयन चौबे इसके लिए आभार और बधाई के पात्र हैं। हिंदी के अध्येताओं और गंभीर पाठकों के लिए यह एक जरुरी और संग्रहणीय पुस्तक है।
– वीरेन्द्र यादव
Jitendra Kapil –
Excellent Reference Book. Everyone must read.
Narendra V. –
Very useful and interesting book
Vijay Singh –
“मार्क्सवादी चिन्तन शब्दकोश” मार्क्सवाद से जुड़ी अवधारणाओं, बहसों और भ्रांतियों को व्यवस्थित रूप से समझाने वाला उपयोगी संदर्भ ग्रंथ है।
Sushil Kumar –
शोधार्थियों हेतु विश्वसनीय संदर्भ