Description
Durasth Dampatya (Story) By Mamta Kalia
ममता कालिया
2 नवम्बर 1940 को वृन्दावन में जन्मीं ममता कालिया हिन्दी साहित्य की अग्रपंक्ति में स्थान रखती हैं। उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से एम.ए. इंग्लिश किया तथा वहीं प्राध्यापन भी। फिर मुम्बई और इलाहाबाद में प्राध्यापन। 2001 में सेवानिवृत्त। इन तथ्यों से भी ज्यादा महत्त्वपूर्ण बात यह है कि सन् 1963 से लगाकर अब तक वे लगातार लिखती रही हैं। उनकी कुल साहित्यिक पुस्तकों की संख्या 36 है, जिसमें 10 उपन्यास, 16 कहानी संग्रह, 5 कविता संग्रह, 5 संस्मरण, 3 निबन्ध-संग्रह के अतिरिक्त कुछ अनुवाद भी प्रकाशित । ममता कालिया ने साहित्य अकादेमी के लिए महिला लेखन के सौ वर्षों के इतिहास का सम्पादन किया है तथा 5 वर्ष महात्मा गांधी अन्तरराष्ट्रीय हिन्दी विश्वविद्यालय वर्धा की इंग्लिश पत्रिका HINDI की सम्पादक रही हैं। के. के. बिड़ला फाउण्डेशन का व्यास सम्मान, श्याम गोयनका ट्रस्ट का रतनादेवी अवार्ड, कमलेश्वर स्मृति सम्मान, वनमाली सम्मान, राममनोहर लोहिया सम्मान, प्रथम सावित्री बाई फुले सम्मान आदि अनेक पुरस्कार प्राप्त हुए। ई-मेल : mamtakalia011@gmail.com





















Madhu Singh –
कहानी संग्रह दूरस्थ दाम्पत्य मध्यवर्गीय जीवन की जटिलताओं और द्वंद्वों को बारीकी से उकेरता है।