Description
TARA (Hindi Novel) by Sanjeev Buxy
संजीव बख्शी
जन्म : 25 दिसम्बर 1952, खैरागढ़ (छत्तीसगढ़)।
शिक्षा: एम.एस.सी. गणित।
छत्तीसगढ़ शासन के संयुक्त सचिव पद से सेवानिवृत्त। कृतियाँ: तार को आ गई हल्की सी हँसी, भित्ति पर बैठे लोग, जो तितलियों के पास है, सफेद से कुछ ही दूरी पर पीला रहता था, चुनी हुई कविताएँ, मौहा झाड़ को लाईफ ट्री कहते हैं जयदेव बघेल और उनके अंधकार में उजास है (सभी कविता संग्रह); भूलन कांदा, खैरागढ़ नांदगांव, ढाल चंद हाजिर हो, गाँव खेड़ा मौहाभाठा (सभी उपन्यास) भूलन कांदा उपन्यास का अँग्रेजी, पंजाबी, कन्नड़, मराठी, ओड़िया, छत्तीसगढ़ी में अनुवाद। खसरा नंबर चौरासी बटा एक रकबा पांच डिसमिल (कहानी संग्रह) खैरागढ़; खैरागढ़ में कट चाय और डबल पान; केशव कहि ज जाइ का कहिये (संस्मरण)। सम्मान: सूत्र सम्मान के अलावा ‘सफेद से कुछ ही दूरी पर पीला रहता था’ कविता संग्रह के लिए हेमचंद्राचार्य अलंकरण, ‘भूलन कांदा’ उपन्यास के लिए प्रेमचंद सम्मान। इसी उपन्यास पर एक फीचर फिल्म का निर्माण, भूलन द मेज, जिसे वर्ष 2019 का नेशनल एवार्ड बेस्ट फिल्म आंचलिक केटेगरी में दिया गया।


























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