-20.00%

CHEHRA SAWAL HAI (GHAZALS) by Khursheed Akbar

Original price was: ₹350.00.Current price is: ₹280.00.

चेहरा सवाल है – खुर्शीद अकबर


खुर्शीद अकबर उर्दू के जाने-माने शायर और आलोचक हैं। उनके अनेक ग़ज़ल संग्रह और आलोचना की कई पुस्तकें प्रकाशित हैं। उनका यह नया ग़ज़ल संग्रह ‘चेहरा सवाल है’ अनेक दृष्टियों से मानीखेज़ पुस्तक है जो ग़ज़ल में नया प्रयोग तो है ही, रसों के परिपाक के साथ वर्तमान जीवन के गहरे प्रश्नों से भी लैस है। इस तरह’ चेहरा सवाल है’ ग़ज़ल महाकाव्य, स्तुति काव्य और नगर वेदना से सम्बन्धित ग़ज़लों का बेमिसाल संकलन है जिसे ग़ज़ल रज्मिया, क़सीदा अल्फ़िया सवालिया और शहर आशोब कहा गया है। पाठक देखेंगे कि इस विस्मय भरे संकलन में सत्रह खण्ड हैं जिसमें ग़ज़ल बहुविध यात्राएँ करती है। आगमन खण्ड से लेकर अद्भुत, श्रृंगार, वात्सल्य, करुणा, प्रकृति, ज्ञान, बलिदान, प्रतिरोध, रौद्र, वेदना, परिहास, कामगार, लोकभूमि, संशय, विरासत तथा शान्त जैसे खण्डों में खुर्शीद अकबर ने ग़ज़ल को व्यंजक, मर्मभेदी और अर्थपूर्ण पदों में बाँधकर एक ऐसी अभिव्यक्ति सम्भव की है कि आश्चर्य होता है।
‘सहरा के इजतिराब पे दरिया सवाल है। पिंजरे में गैबशाह का तोता सवाल है।’
खुर्शीद अकबर सवाल को नया आयाम देते हुए कहते हैं:
‘पाँवों तले जमीन की मिलती नहीं ख़बर / सर आसमां पे
तायर ए सिदरा सवाल है।’
फिर इसे देखें-‘ तन्हा जहान भर का सहारा है और कौन/परवर दिगार ए शहर से अपना सवाल है।’
‘प्रतिरोध’ खण्ड के सवाल तो और भी बेधक हैं, जैसे :
‘बरसों से अपने शहर में सूरज है हुक्मरां/ सदियों से अपने घर में सवेरा सवाल है।’
कहने का आशय यह है कि ‘चेहरा सवाल है’ में खुर्शीद अकबर ने साहित्य की पारम्परिक प्रवृत्तियों को नया सन्दर्भ देने के साथ-साथ जीवन और जगत्-व्यवहार के उन सभी प्रश्नों को विन्यस्त किया है जिनसे हमारा सामना रोज्ज ही होता है। इनसे गुजरना अपने समय के एक महत्त्वपूर्ण शायर से परिचित भी होना है जिनके अभिव्यक्ति-कौशल का कोई सानी नहीं।

 

In stock

SKU: CHEHRA SAWAL HAI (GHAZALS) by Khursheed Akbar-PB Category:

Description

CHEHRA SAWAL HAI (GHAZALS) by Khursheed Akbar


About The Author

ख़ुर्शीद अकबर
बड़हिया (लखीसराय, बिहार) के मूल निवासी खुर्शीद अकबर (मो. खुर्शीद आलम अन्सारी) का जन्म 14 मई 1959 को हुआ। जन्म स्थान : मिल्की चक, बरबीघा, जिला-शेखपुरा, बिहार। शिक्षा: एम.ए. (राजनीति विज्ञान एवं उर्दू साहित्य)। लेखन : विधिवत् शायरी 1975 ई. से अनवरत । सम्प्रति : ए.डी.एम. पद से सेवानिवृत्त ।
प्रकाशित पुस्तकें : 1. उर्दू में कुल आधा दर्जन ग़ज़ल-संग्रह एवं एक आलोचनात्मक पुस्तक ।
2. हिन्दी देवनागरी लिपि में दो ग़ज़ल संग्रह : (क) ज़मीं आस्मां से आगे (ख) चेहरा सवाल है।
2011 से 2020 तक साहित्यिक उर्दू त्रैमासिक पत्रिका आमद का सम्पादन एवं प्रकाशन। हिन्दी-उर्दू की कतिपय साहित्यिक संस्थाओं से पुरस्कृत। वर्ष 2007 एवं 2008 में दोहा (क़तर) की विदेश-यात्रा।


सुनती है ख़ामुशी की जुबाँ ग़ौर से जमीं हर वक़्त आसमाँ से उतरता सवाल है
चलती है यूँ तो बाग़ में शादाब सी हवा शाख़ों पे इक हरा नहीं पत्ता सवाल है

वादों के जो हसीन कँवल थे कहाँ गये हर सिम्त कीचड़ों में फिसलता सवाल है
इक दर्द वाक़ि’ए को नया मोड़ दे गया पत्थर की बारिशों में शगूफ़ा सवाल है

शर्मा के रह गयी है ज़मीं पायमाल सी उसपर ये आसमान-झरोका सवाल है
हम बन्द पानियों की तरह ठहरे मर गये हम पे र-वाँ लहू का फ़रीज़ा सवाल है
– इसी पुस्तक से


चेहरा सवाल है - खुर्शीद अकबर ग़ज़ल रज़िया / क़सीदा अल्फ़िया सवालिया²/शहर आशोब³ खुर्शीद अकबर

Additional information

Author

Khursheed Akbar

Binding

Paperback

Language

Hindi

ISBN

978-93-80441-76-4

Pages

230

Publication date

21-09-2026

Publisher

Vagdevi Prakashan

Reviews

There are no reviews yet.

Be the first to review “CHEHRA SAWAL HAI (GHAZALS) by Khursheed Akbar”

You may also like…

0
YOUR CART
  • No products in the cart.