-20.00%

PATRAKARITA KA ROMANCH by Anil Maheshwari

Original price was: ₹425.00.Current price is: ₹340.00.

पत्रकारिता का रोमांच – अनिल माहेश्वरी


सिन्थेटिक दूध का अनैतिक व्यवसाय आज ‘ईजी मनी’ कमाने का हर जगह एक फलता-फूलता व्यवसाय बन गया है, पर अनिल माहेश्वरी ने सन् 1993 में ही इस खतरनाक मिलावट की स्थिति का जमीनी आकलन कर रिपोर्ट प्रस्तुत कर दी थी। इस रिपोर्ट के लिए उन्हें अपने सम्बन्धों का लाभ मिला और उन्होंने मिलावटी (सिन्थेटिक) दूध के प्रचलन को लेकर कई खुलासे किये। अद्भुत खुलासा यह भी था कि हर बड़े त्योहार यथा दीवाली, दशहरा और होली आदि पर मिलावटी दूध के विषय में खूब खबरें आती हैं। इन खबरों के पीछे कॉर्पोरेट दिमाग चला करता है। वे लोग ऐसे अवसर पर अपने दुग्ध उत्पादों की बिक्री बढ़ाने के लिए खुले दूध की गुणवत्ता पर प्रश्नचिह्न लगवाया करते हैं। यह बात अनिल जी इसलिए दावे के साथ कह पाये कि उन्होंने मौके पर बात को समझने का प्रयास किया था। वह बात अलग है कि उनकी रिपोर्ट का उपयोग अखबार किस रूप में कर पाया। अपनी इस पुस्तक में उन्होंने पत्रकारिता के उन अवरोधों को बताया है, जिनका पता जमीन पर ही लगता है। अनिल माहेश्वरी की पुस्तक पत्रकारिता का रोमांच एक पत्रकार की चूक और उसकी सफलता के मध्य की महीन रेखा को रेखांकित करती है। एक वरिष्ठ पत्रकार के अनुभव से पत्रकारिता में आने वाले नये लोग तो सीखेंगे ही दूसरे, लोगों को भी लगेगा कि पत्रकारिता एक ऐसा कठिन कार्य है जैसे व्यक्ति तलवार की धार पर चल रहा हो। उनकी यह पुस्तक सभी को पढ़नी चाहिए।
– प्रस्तावना से


पुस्तक खरीदने के लिए नीचे दिए गए RazorPay बटन का प्रयोग भी किया जा सकता है

In stock

SKU: PATRAKARITA KA ROMANCH-PB Category:

Description

PATRAKARITA KA ROMANCH by Anil Maheshwari


अनिल माहेश्वरी
जन्म : मेरठ; पचास वर्ष का पत्रकारिता का अनुभव; ‘हिन्दुस्तान टाइम्स’ से विशेष संवाददाता के पद से सेवानिवृत्त ।
अँग्रेजी में ‘अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी : इंस्टीट्यूशन ऑफ लर्निंग ऑर आइडेण्टिटी’, ‘पोलराइज्ड टाइम्स : लिविंग इन इण्डिया टुडे’, ‘कम्पल्सिव नोज पिकिंग एण्ड अदर टू टेल्स’, ‘मून स्टिल शाइंस : एन एनवायर्नमेण्टल इशू’, ‘राइट टु इनफॉर्मेशन : ए नो-विन सिचुएशन’ सहित सामयिक विषयों पर एक दर्जन से अधिक किताबों का प्रकाशन। हिन्दी में ‘मस्लक-ए-आला हजरत बरेलवी’, ‘… हाजिर हों: आधुनिक न्यायिक दायरे में रामायण की पुनर्यात्रा’; हिन्दी में अनुवाद कार्य- ‘सभ्यता के कोने’ (वेरियर एल्विन और भारतीय आदिवासी समाज), ‘दी रिपब्लिक’ (प्लेटो कृत)।
सम्प्रति : नोएडा में निवास एवं स्वतन्त्र लेखन।
अतिथि प्रोफेसर : चाणक्य राष्ट्रीय विधि
विश्वविद्यालय, पटना।


Additional information

Author

Anil Maheshwari

Binding

Paperback

Language

Hindi

ISBN

978-93-6201-585-3

Pages

300

Publisher

Setu Prakashan Samuh

Reviews

There are no reviews yet.

Be the first to review “PATRAKARITA KA ROMANCH by Anil Maheshwari”

You may also like…

0
YOUR CART
  • No products in the cart.