Description
Multah Mujhme Ek Prachchhnna Davanal Bhi Hai (Poems) by Geeta Malik
मूलतः मुझमें एक प्रच्छन्न दावानल भी है – गीता मलिक
About The Author
गीता मलिक
10 जुलाई 1982 को शामली (उत्तर प्रदेश) में जन्मीं गीता मलिक परिषदीय विद्यालय में शिक्षिका हैं।
समकालीन हिन्दी कविता के परिदृश्य में अपनी कविताओं की ताज़गी और नये भाव विन्यास के कारण चर्चा में रहीं गीता मलिक, काव्य जगत में अनामिका सिंह के रूप में जानी जाती रही हैं। यह उनका पहला कविता संग्रह है।






























Reviews
There are no reviews yet.