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Bharatiya Chintan Parampara Aur Bheemrao Ambedkar by Niranjan Sahay

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भारतीय चिन्तन परम्परा और भीमराव आंबेडकर – निरंजन सहाय


‘भारतीय चिन्तन परम्परा और भीमराव आंबेडकर’ भारतीय बौद्धिक परम्परा के दीर्घ इतिहास और डॉ. भीमराव आंबेडकर के वैचारिक अवदान के बीच संवाद की नयी सम्भावनाओं का उद्घाटन करती है। यह कृति आंबेडकर को किसी एक वैचारिक खाँचे में सीमित नहीं करती, बल्कि उन्हें भारतीय दर्शन, बौद्ध धम्म, सामाजिक न्याय, लोकतान्त्रिक आधुनिकता और नैतिक विवेक की अखण्ड परम्परा के आलोक में पढ़ती है। वैदिक, श्रमण, बौद्ध, भक्ति और आधुनिक भारतीय चिन्तनधाराओं के साथ आंबेडकर के विचारों का तुलनात्मक एवं प्रमाणाधारित विश्लेषण इस पुस्तक की विशिष्टता है। सरल किन्तु शोधपरक भाषा में लिखी गयी यह कृति परम्परा और परिवर्तन, शास्त्र और विवेक, धर्म और संविधान, तथा समता और मानवीय गरिमा के प्रश्नों पर गम्भीर विमर्श प्रस्तुत करती है। समकालीन भारत में आंबेडकर को भारतीय चिन्तन परम्परा की निरन्तरता में समझने की दृष्टि से यह पुस्तक एक महत्त्वपूर्ण बौद्धिक हस्तक्षेप है।


 

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Description

Bharatiya Chintan Parampara Aur Bheemrao Ambedkar by Niranjan Sahay


वास्तव में दलित चेतना एक प्रति-सांस्कृतिक चेतना होने के साथ-साथ एक वैकल्पिक चेतना भी है, जिसकी जड़ में भारतीय सामाजिक संरचना विद्यमान है। इसका आधार सिर्फ जाति ही नहीं थी बल्कि इसे शताब्दियों तक धार्मिक वैधता भी प्रदान की जाती रही है। इसके चलते ही बाबासाहेब डॉ. आंबेडकर ने इससे दलित समाज को मुक्ति दिलाने हेतु बौद्ध धम्म को आधार बनाया और भारतीय संविधान की एक ऐसी समतामूलक परिकल्पना प्रस्तुत की जिसमें इस सामाजिक तथा वैचारिक जातिगत कोढ़ का उपचार किया जाना सम्भव हो। दलित-मुक्ति आन्दोलन में आंबेडकर के करिश्माई नेतृत्व के योग ने भारतीय लोकतान्त्रिक समझ को सच्चे अर्थों में मानवीय सरोकारों और प्रगतिवादी समझ से सम्पन्न किया। डॉ. आंबेडकर ने उत्पीड़ित और वंचित जीवन के दंश को बखूबी समझा था। अनुभव की इस तपन को उन्होंने जीवन के सरोकारों में शामिल किया और वैधानिक प्रावधानों में उन्हें शामिल कराकर भारतीय लोकतन्त्र की जवाबदेही उनके प्रति तय की जिन्हें मानवाधिकारों से वंचित कर सामाजिक एवं आर्थिक स्तर पर नकारकर हाशिये पर धकेल दिया गया था।


Bharatiya Chintan Parampara Aur Bheemrao Ambedkar by Niranjan Sahay

Additional information

Author

Niranjan Sahay

Binding

Paperback

Language

Hindi

ISBN

978-93-6201-021-6

Pages

262

Publication date

29-08-2026

Publisher

Setu Prakashan Samuh

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