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JARO KA SANGEET : Kedarnath Singh ki Kavita by Dr. Mukteshwar Nath Tiwari
About The Author
मुक्तेश्वर नाथ तिवारी
भागलपुर में सन् 1964 में जन्म। भागलपुर, घाटशिला और शान्तिनिकेतन में पूरी पढ़ाई। पेशे से अध्यापक । हिन्दी विभाग, दार्जिलिंग गवर्नमेण्ट कॉलेज, दार्जिलिंग (1990-1995), सहायक निदेशक (हिन्दी शिक्षा) शिक्षा निदेशालय, पश्चिम बंगाल सरकार (1995-1996)। सन् 1996 से हिन्दी विभाग, विश्वभारती, शान्तिनिकेतन में अध्यापन। सम्प्रति हिन्दी के प्रोफेसर। समानान्तरता’ (2003), ‘शताब्दी के अन्त में कविता’ (2003), ‘कविता का देशकाल’ (2007), ‘महादेवी के साहित्य का गद्यपर्व’ (2015), ‘साहित्य और जीवन-विवेक’ (2020) । विश्वविद्यालय के रिसर्च जर्नल ‘विश्वभारती पत्रिका’ का सम्पादन।
कृतियाँ : ‘ समकालीन हिन्दी काव्यभाषा और






























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