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Nobel Puraskaar : Bishvin Sadi ke Sahityakaar by Vijay Sharma
About The Author
विजय शर्मा
समालोचक, सिनेमा विशेषज्ञ, विश्व साहित्य अध्येता
पूर्व एसोशिएट प्रोफ़ेसर, लॉयोला कॉलेज ऑफ़ एडुकेशन, जमशेदपुर। पूर्व विजिटिंग प्रोफ़ेसर, हैदराबाद सेण्ट्रल यूनिवर्सिटी तथा एकेडमिक स्टाफ़ कॉलेज, राँची। देश के विविध स्थानों पर अनेक सेमीनार एवं कार्यशाला आयोजित। सेमीनार में शोध-पत्र प्रस्तुति। यूनिवर्सिटी परीक्षक एवं पाठ्यक्रम निर्माण समिति की सदस्य। वर्तमान में कई कॉलेजों में ऑनलाइन शिक्षण।
कई हिन्दी और इंग्लिश पत्रिकाओं का सह-सम्पादन। अतिथि सम्पादन ‘कथादेश’ दो अंक । ‘हिन्दी साहित्य ज्ञानकोश’ में सहयोग। प्रमुख पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित। आकाशवाणी से पुस्तक फ़िल्म समीक्षा, रूपक तथा वार्ता प्रसारित। कई फ़िल्म फ़ेस्टिवल में जूरी सदस्य। 15 वर्षों से साहित्य, सिनेमा, कला संस्था ‘सृजन संवाद’ का संचालन। ‘सेल्युलाइड चैप्टर’ की आजीवन सदस्य तथा ‘फ़िल्म क्रिटिक सर्किल ऑफ़ इण्डिया’ की सदस्य ।
अमर उजाला में ‘विश्व सिनेमा की जादूई दुनिया’ एवं ‘विश्व साहित्य का आकाश’ ब्लॉग। आज की जनधारा में ‘समीक्षा संवाद’ कॉलम।
विश्व सिनेमा एवं नोबेल साहित्य पर 36 पुस्तकें प्रकाशित।






























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