Description
ES RAVINDRANATH KO BHI TO JANIYE by Alok Bhattacharya
About The Author
आलोक भट्टाचार्य
कवि-कथाकार। पेशे से पत्रकार। मातृभाषा बांग्ला । हिन्दी में मौलिक लेखन। मुम्बई के हिन्दी साहित्य एवं पत्रकारिता जगत में सक्रिय।
प्रकाशन : कविता संग्रह ‘भाषा नहीं है बैसाखी शब्दों
की’ (1990) उपन्यास ‘अपना ही चेहरा’ (1994), कहानी संग्रह ‘आंधी के आसपास’ (2000), कविता संग्रह ‘सात समंदर आग’ (2002), संस्मरण ‘पथ के दीप’ (2005), साम्प्रदायिकता और जातिवाद के खिलाफ वैचारिक लेखों का संग्रह’ अधार्मिक’ (2006)। बांग्ला के कई शीर्ष कवियों की कविताओं के अलावा डॉ.ए.पी.जे. अब्दुल कलाम के काव्य संग्रह माई जर्नी का हिन्दी अनुवाद मेरी यात्रा।
पुरस्कार : महाराष्ट्र हिन्दी साहित्य अकादमी का ‘संत
नामदेव पुरस्कार’ (1991) केन्द्रीय हिन्दी निदेशालय का ‘हिन्दीतर भाषी श्रेष्ठ हिन्दी लेखक अखिल भारतीय पुरस्कार’ (1995) महाराष्ट्र हिन्दी साहित्य अकादेमी का ‘जैनेन्द्र कुमार पुरस्कार’ (1996) अम्बिका प्रसाद दिव्य रजत अलंकरण पुरस्कार (2001) राष्ट्रीय हिन्दी पत्रलेखक संघ का ‘श्रेष्ठ मंच संचालक पुरस्कार’ (1998) पत्रकारिता के लिए ‘गणेश शंकर विद्यार्थी हिन्दी पत्रकारिता पुरस्कार’ (1994) ‘नागरीभूषण सम्मान’ (2006), भारतीय मानव सेवा संघ का ‘साहित्यभूषण सम्मान’ (2007), ‘निराला सम्मान’ (2009) महाराष्ट्र राज्य हिन्दी साहित्य अकादमी का सुब्रह्मण्यम भारती अ. भा. साहित्य सम्मान (2013)






























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