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Achhoot Kaun Aur Kaise By Bhimrao Ambedkar

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अछूत कौन और कैसे – भीमराव अम्बेडकर

भारतीय इतिहास के तथाकथित स्वर्ण युग से छुआछूत के औचित्य को प्रश्नांकित करता ग्रन्थ


हिन्दू धर्म के भीतर सामाजिक संरचना के गठन की प्रक्रिया में एक ऐसे वर्ग की उत्पत्ति हुई जिसे न केवल समाज में सबसे हेय दृष्टि से देखा गया बल्कि उसे सामान्य मानवीय व्यवहार से भी वंचित रखा गया। डॉ. भीमराव अम्बेडकर की यह पुस्तक’ अछूत कौन और कैसे’ समाज के इसी वर्ग अर्थात् अछूतों की उत्पत्ति और उनकी स्थिति का ऐतिहासिक तथ्यों के आधार पर विश्लेषण करती है। इसमें न सिर्फ भारत में बल्कि सम्पूर्ण विश्व में अछूतों के अस्तित्व की जाँच-परख की गयी है। यह पुस्तक स्पष्ट करती है कि अछूतों और हिन्दुओं में नस्लीय आधार पर किसी प्रकार की भिन्नता नहीं है लेकिन ब्राह्मणों की घृणा और स्वयं को श्रेष्ठ समझने की भावना अछूतों की उत्पत्ति और उनकी बदतर स्थिति का कारण बनी। इसमें स्पष्ट किया गया है कि ब्राह्मणों द्वारा बौद्धों के प्रति घृणा और एक समूह विशेष के द्वारा गौमांस खाने के कारण उस वर्ग को ब्राह्मणवादी समाज से बहिष्कृत कर दिया गया और उन्हें अछूत के रूप में एक अलग समूह में स्थापित कर दिया गया। यह पुस्तक समाज की विभेदकारी प्रवृत्तियों का मूल्यांकन करते हुए वर्तमान व्यवस्था को समझने का स्पष्ट और व्यापक दृष्टिकोण प्रदान करती है।


 

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Description

Achhoot Kaun Aur Kaise By Bhimrao Ambedkar


Achhoot Kaun Aur Kaise


About The Author

जन्म : 14 अप्रैल 1891, महू, इन्दौर।
शिक्षा : मुम्बई विश्वविद्यालय से स्नातक। कोलम्बिया विश्वविद्यालय से एम.ए., पी-एच.डी, एल.एल.बी., लन्दन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स से एम.एस.सी., डी.एस.सी.। दलित नवजागरण के अग्रदूत। भारतीय संविधान के निर्माता। प्रख्यात अर्थशास्त्री, विधिवेत्ता, राजनीतिज्ञ, समाजशास्त्री, शिक्षाविद्, स्वतन्त्र भारत के प्रथम कानून मन्त्री। सैकड़ों व्याख्यान, शोधपत्र, आलेख प्रकाशित। दो दर्जन से अधिक पुस्तकें और भारत सरकार द्वारा कई खण्डों में रचनावली प्रकाशित ।
सम्मान : भारत रत्न (1990); बोधिसत्व (1956); पहले कोलम्बियन अहेड ऑफ देअर टाइम (2004); द ग्रेटेस्ट इण्डियन (2012) इत्यादि ।

Additional information

Author

Bhimrao Ambedkar

Binding

Paperback

Language

Hindi

ISBN

978-93-6201-421-4

Pages

208

Publication date

14-01-2025

Publisher

Setu Prakashan Samuh

5 reviews for Achhoot Kaun Aur Kaise By Bhimrao Ambedkar

  1. Pramod Kumar

    भारतीय समाज में अछूतों की स्थिति और उसके ऐतिहासिक कारणों को समझने के लिए यह पुस्तक गंभीर, प्रमाणिक और अत्यंत विचारोत्तेजक है।

  2. Mohit Singh

    Gyan ke liye kitab bahut acchi hai yah kitab sabhi ko padhna chahie

  3. Kumari Bina

    यह पुस्तक बताती है कि छुआछूत नस्लीय नहीं, बल्कि सामाजिक और धार्मिक प्रक्रियाओं की उपज है; तर्कपूर्ण और शोधपरक कृति।

  4. Shelly Yadav

    Best books of BR Ambedkar ji

  5. Kumar Pankaj

    Very nice book of br ambedkar
    भारतीय समाज की विभेदकारी संरचना को समझने और सामाजिक समानता के प्रश्नों पर गंभीर चिंतन के लिए यह पुस्तक अत्यंत प्रासंगिक है।

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