Description
GHAM MEIN VITAP (Novel) by Jai Nandan
जयनंदन समकालीन हिन्दी कथा-साहित्य के महत्त्वपूर्ण हस्ताक्षरों में शुमार हैं। उनकी कहानियों और उपन्यासों में हमें वर्तमान भारत के कठिन सामाजिक यथार्थ के नाना रूप-रंग दीखते हैं। गाँव-कस्बा, खेत-खलिहान की पृष्ठभूमि में उन्होंने जहाँ अपनी अनेक रचनाओं में जातिगत उत्पीड़न और सामन्ती मनोवृत्ति को उजागर किया है, वहीं शोषित-पीड़ित मेहनतकश तबकों के प्रतिरोध को भी दर्ज किया है। अलबत्ता प्रतिरोध प्रायः सतह पर नहीं होता बल्कि कथा-संरचना में अनुस्यूत रहता है। जयनंदन का उपन्यास ‘घाम में विपट’ भी हाशिये के लोगों के प्रति उनकी चिन्ता का साक्ष्य है। इस उपन्यास में वह समाज के उस कटु और उपेक्षित यथार्थ को सामने लाते हैं जिसमें शहरों की चमक-दमक के बीच फुटपाथों, चौराहों और बस स्टैण्डों पर पलने वाले लावारिस बच्चों की एक पूरी दुनिया छिपी होती है। ये वे मासूम चेहरे हैं जिन्हें न घर मिलता है, न सुरक्षा, न स्वप्न देखने का अवसर। उपन्यास जहाँ इन बच्चों के शोषण और उनकी बेबसी को चित्रित करता है वहीं उनके लिए उम्मीद की किरण बनकर आने वाली विटप नामक एक संस्था की प्रेरणादायी दास्तान पेश करता है। संस्था की संचालक माई सुधा लाल नामक एक महिला हैं जो बच्चों को आश्रय देकर उनका भविष्य सँवारती हैं। कोई पढ़-लिखकर आईएएस बनता है, कोई अध्यापक, कोई उनके द्वारा शुरू की गयी कम्पनी में कामगार हो जाता है तो कोई उनके द्वारा खोली गयी फर्म में काम करके अपना भविष्य बनाता है। लेकिन इसके बरअक्स वे शातिर बाहुबली लोग हैं जिनकी असलियत से अधिकांश समाज अनभिज्ञ है। दोनों तरह की शक्तियों के बीच चलने वाला संघर्ष ही इस उपन्यास का कथा-आधार है। जमीन की बोली-बानी से आपूरित कथा-भाषा तथा परिवेश और पात्रों का जीवन्त चित्रण जयनंदन की जानी-पहचानी विशिष्टता रही है, और वह इस उपन्यास में भी आद्यन्त महसूस की जा सकती है।
About The Author
जयनंदन
जन्म : 26 फरवरी 1956 को नवादा (बिहार) के मिलकी गाँव में।
शिक्षा : एम.ए. (हिन्दी)।
कृतियाँ : 7 उपन्यास, 22 कहानी संग्रह समेत 36 पुस्तकें प्रकाशित ।
मराठी में अनूदित कहानियों की एक पुस्तक ‘आईएसओ 9000’ एवं अन्य उपन्यास की तीन पुस्तकें प्रकाशित। कुछ कहानियों का फ्रेंच, स्पैनिश, अँग्रेजी, जर्मन, तेलुगु, मलयालम, तमिल, गुजराती, उर्दू, नेपाली, मराठी, मगही आदि भाषाओं में अनुवाद। कुछ कहानियों के टीवी रूपान्तरण विभिन्न टीवी चैनलों पर प्रसारित । नाटकों का आकाशवाणी से प्रसारण और विभिन्न संस्थाओं द्वारा विभिन्न शहरों में मंचन ।
पुरस्कार : श्रीलाल शुक्ल स्मृति इफको साहित्य सम्मान
2022, राधाकृष्ण पुरस्कार, विजय वर्मा कथा सम्मान, बिहार सरकार राजभाषा सम्मान, भारतीय ज्ञानपीठ द्वारा सर्वश्रेष्ठ चयन के आधार पर युवा लेखक प्रकाशन सम्मान, आनन्द सागर स्मृति कथाक्रम सम्मान, बनारसी प्रसाद भोजपुरी सम्मान, झारखण्ड साहित्य सेवी सम्मान, स्वदेश स्मृति सम्मान, निर्मल मिलिन्द, उदयराज सिन्हा नयी धारा सम्मान आदि।
सम्प्रति : टाटा स्टील से अवकाश प्राप्त और अब पूर्णकालिक लेखन ।






























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