Description
Kiraye ka Ghar (Kavitayen Evam Kavya Natak) by Arun Kamal
About The Author
अरुण कमल
जन्म : 15 फरवरी 1954 को नासरीगंज (रोहतास) बिहार। कुल सात कविता संग्रह प्रकाशित। यह आठवाँ। चार कविता चयन और दो आलोचना पुस्तकें तथा साक्षात्कारों की एक किताब प्रकाशित ।
मायकोव्स्की की आत्मकथा सहित अनेक विदेशी कवियों के हिन्दी में अनुवाद प्रकाशित। भारतीय कविता का एक संकलन वॉयसेज नाम से अँग्रेजी में प्रकाशित। नागार्जुन, त्रिलोचन, शमशेर, केदारनाथ सिंह के अँग्रेजी अनुवाद तथा उनपर लेख प्रकाशित। मुक्तिबोध, केदारनाथ अग्रवाल के भी अनुवाद किये।
नवभारत टाइम्स (पटना), लिटरेट वर्ल्ड (यूएसए) और सकाल (पुणे) में कुछ समय के लिए स्तम्भ लेखन। प्रभात खबर (राँची) में ‘अनुस्वार’ नाम से कविता-अनुवाद का स्तम्भ भी चला। आलोचना पत्रिका के तीस अंकों का सम्पादन। एनसीईआरटी की पाठ्य पुस्तक सृजनात्मक लेखन और अनुवाद के भी सलाहकार रहे।
बच्चों के लिए निबन्धों की एक किताब हवामिठाई और एक छोटा उपन्यास एक चोर की चौदह रातेंप्रकाशित ।
कविता के लिए चतुरंग सम्मान, भारत भूषण अग्रवाल पुरस्कार, सोवियत लैण्ड नेहरू पुरस्कार, श्रीकान्त वर्मा स्मृति पुरस्कार, शमशेर सम्मान, रघुवीर सहाय स्मृति पुरस्कार; नये इलाके में कविता पुस्तक के लिए 1998 का साहित्य अकादेमी पुरस्कार, भारतीय भाषा परिषद् का समग्र कृतित्व सम्मान, नागार्जुन पुरस्कार, दिनकर सम्मान, अज्ञेय स्मृति सम्मान, कलिंग इण्टरनेशनल लिटरेचर अवार्ड और परिवार सृजन सम्मान। बाल साहित्य के लिए तक्षशिला फाउण्डेशन की वृत्ति।
अनेक देशों के साहित्य-कार्यक्रम में भागीदारी।
पटना विश्वविद्यालय के अँग्रेजी विभाग में अध्यापन के बाद सेवानिवृत्ति। पटने में निवास।





























Reviews
There are no reviews yet.