Description
NAQSHAKASHI (Poems) by Sarfaraz Aalam
About The Author
सरफ़राज़ आलम
जन्म : 5 जनवरी 1972; ग्राम: सरया अख्तियार, जिला गोपालगंज, बिहार।
शिक्षा : उच्चतर माध्यमिक और स्नातक (एएमयू, अलीगढ़)। भूगोल में एम.ए. और राजनीतिक भूगोल में एम.फिल., पी-एच.डी. (जेएनयू, दिल्ली)।
कृतियाँ : ‘नक्शानामा’ (कविता संग्रह, 2023)। राष्ट्रीय एवं अन्तरराष्ट्रीय स्तर की शोध पत्रिकाओं और सम्पादित कित्ताबों में 80 से अधिक शोधपत्र। राजनीतिक भूगोल और भौगोलिक शिक्षा पर शोध के लिए राष्ट्रीय एवं अन्तरराष्ट्रीय स्तर पर ख्याति ।
पुरस्कार : बांग्लादेश पर शोध के लिए जवाहरलाल नेहरू मेमोरियल फण्ड (नयी दिल्ली) द्वारा जवाहरलाल नेहरू छात्रवृत्ति (2002)। शोध हेतु विश्वविद्यालय अनुदान आयोग द्वारा जूनियर एवं सीनियर रिसर्च फेलोशिप (1997)। अनेक देशों का अकादमिक भ्रमण। देश और विदेश के प्रतिष्ठित भौगोलिक संस्थानों की सदस्यता।
शोध एवं शिक्षण : मनोहर पर्रिकर रक्षा अध्ययन एवं सामरिक विश्लेषण संस्थान,
नयी दिल्ली में एक शोधकर्ता के रूप में कार्य। जयप्रकाश विश्वविद्यालय, छपरा और इग्नू, नयी दिल्ली में शिक्षक के रूप में कार्य। वर्तमान में काशी हिन्दू विश्वविद्यालय के भूगोल विभाग में आचार्य के पद पर कार्यरत।






























Zubaida –
दूरियाँ मिटाने का संदेश: इस संग्रह की हर कविता दुनिया में भाईचारा, मोहब्बत और नजदीकी बढ़ाने की वकालत करती है। यह केवल भूगोल की बात नहीं करती, बल्कि मानवीय संवेदनाओं के भूगोल को टटोलती है।
Mohd. Nadeem –
काव्य-संग्रह ‘नक्शाकशी’ हिन्दी कविता की दुनिया में एक बिल्कुल नया और बेहद मौलिक प्रयोग है। जहाँ आमतौर पर नक्शों को सीमाओं, दूरियों और सरहदों से जोड़कर देखा जाता है, वहीं कवि ने इस किताब में नक्शों को ‘प्रेम और जुड़ाव’ के एक खूबसूरत माध्यम के रूप में री-इमेजिन (पुनर्कल्पित) किया है।