SUBAH KA TARA AUR EK DUAA by Jaishree Roy

सुबह का तारा और एक दुआ – जयश्री रॉय


सुपरिचित कथाकार जयश्री रॉय अपनी कई विशिष्टताओं के लिए जानी जाती हैं। चाहे उनके उपन्यास हों या कहानियाँ, उनके लेखन की कुछ खूबियाँ हर जगह विद्यमान हैं। लेखकीय अन्तर्दृष्टि, विषय के प्रति एप्रोच, और उसका प्रस्तुतीकरण उनके लेखन को कुछ खास बनाता है। यही नहीं, उनका कथा-परिदृश्य भी बड़ा है। दरअसल उनका सरोकार उस हर चीज से है जो जीवन और जगत् को किसी न किसी रूप में प्रभावित करती है। लेकिन स्त्री की अस्मिता और उसका दोतरफा संघर्ष यानी परिस्थितियों से संघर्ष और उसका आत्मसंघर्ष उनकी रचनाओं के सरोकारों में ज्यादा महत्त्व रखता है। उनकी कहानियों का नया संग्रह ‘सुबह का तारा और एक दुआ’ इसका एक और साक्ष्य है। इस संग्रह की कहानियों में अन्तर्धार्मिक प्रेम सम्बन्ध और लिव-इन से लेकर रिश्तों की टूटन और समाज का दंश, स्त्री की जद्दोजहद और उसकी मानसिक उथल-पुथल के अनेक आयाम चित्रित हैं। इन कहानियों में स्त्री का संघर्ष जितना बाहर है उससे कहीं अधिक नैतिक और मानसिक स्तर पर घटित होता है। छोटे-छोटे दृश्यों और संकेतों से रची इन कहानियों में पात्रों का जटिल मनोवैज्ञानिक विश्लेषण जहाँ उनके आत्मसंघर्ष को उकेरता है वहीं यथाप्रसंग पात्रानुरूप भाषा और परिवेश का जीवन्त चित्रण कथा-रस में इजाफा करते हैं। कई उपन्यास और पचास से ज्यादा कहानियाँ लिख चुकीं जयश्री रॉय ने इस कहानी संग्रह के जरिये एक बार फिर अपनी कथा-सामर्थ्य का परिचय दिया है।


 

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Description

SUBAH KA TARA AUR EK DUAA by Jaishree Roy


About The Author

जयश्री रॉय
जन्म : 18 मई 1966 (हजारीबाग, झारखण्ड)।
स्थायी निवास : गोवा।
शिक्षा : एम.ए. हिन्दी, गोवा विश्वविद्यालय ।
कृतियाँ : कहानी संग्रह: अनकही, तुम्हें छू लूँ जरा, खारा पानी, कायांतर, फुरा के आँसू और पिघला हुआ इंद्रधनुष, गौरतलब कहानियाँ, मोहे रंग दो लाल, उदास नीले दिन, जून, जाफ़रान और चाँद की रात, एक रात, निस्संग। उपन्यास : औरत जो नदी है, साथ चलते हुये, इक़बाल, दर्दजा, थोड़ी-सी जमीन, थोड़ा आसमान। कविता संग्रह : तुम्हारे लिए। चार साझा कहानी संग्रहों का सम्पादन ।
सम्मान : युवा कथा सम्मान (सोनभद्र) 2012, स्पन्दन
कृति सम्मान 2017, स्पन्दन सोशल क्रिएटिव अवार्ड 2018, शिक्षाविद् पृथ्वीभान श्रेष्ठ कथासंग्रह सम्मान 2019, दिनकर साहित्य सम्मान (जयते फाउण्डेशन) 2017, सूरज प्रकाश मारवाह ‘साहित्य रत्न अवार्ड’ 2020, ‘हंस कथा सम्मान’ 2021, हिन्दी सेवी सम्मान 2021.
कई देशी-विदेशी विश्वविद्यालयों एवं कॉलेजों के पाठ्यक्रमों में रचनाएँ सम्मिलित ।
सम्प्रति : कुछ महाविद्यालयों में अध्यापन कार्य के बाद वर्तमान में स्वतन्त्र लेखन।


subah ka taara

Additional information

Author

Jaishree Roy

Binding

Paperback

Language

Hindi

ISBN

978-93-6201-641-6

Pages

196

Publication date

10-01-2026

Publisher

Setu Prakashan Samuh

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