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AATMASAMBHAVA AANDAL (Criticism) by Subhash Rai

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आत्मसम्भवा आण्डाल  – सुभाष राय

समालोचन | काव्यानुवाद

रजा पुस्तक माला : अनुवाद | आलोचना
प्रधान सम्पादक : अशोक वाजपेयी | सम्पादक: पीयूष दईया


दक्षिण की कवयित्री आण्डाल की कविताओं और जीवन से, उनकी भक्ति-कामना साहस से, उनको लेकर दक्षिण में प्रचलित किंवदन्तियों और लोकगाथा से हिन्दी में, हमारा अब तक का परिचय, ख़ासा कम रहा है। यह स्थिति अब बदलने जा रही है : सुभाष राय ने बहुत मनोयोग और अध्यवसाय से आण्डाल की कविताओं का हिन्दी में सुपाठ्य अनुवाद करने के साथ-साथ उनकी कथा और आज तक, सदियों के आर-पार, उनकी उपस्थिति की कथा भी कही है। आण्डाल की कविता और जीवन के कई सूत्रों को भी खोजा व्यक्त किया है। यह प्रयत्न हमें अपने एक मूर्धन्य पूर्वज को हिन्दी में अनुभव करने का, उनकी गरिमा और परम्परा में रहकर भी नवाचार की दुस्साहसिकता का साक्षात् करने का अनूठा अवसर और न्योता देता है। रज़ा फ़ाउण्डेशन उम्मीद करता है कि इस पुस्तक ‘आत्मसम्भवा आण्डाल’ का हिन्दी जगत् और पाठकों में स्वागत होगा।
– अशोक वाजपेयी


 

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Description

AATMASAMBHAVA AANDAL (Criticism) by Subhash Rai


About The Author

सुभाष राय
जन्म जनवरी १९५७ में उत्तर प्रदेश के एक गाँव बड़ागाँव (मऊ) में। प्रारम्भिक पढ़ाई-लिखाई गाँव की पाठशाला में। आगरा विश्वविद्यालय के प्रसिद्ध साहित्य संस्थान के. एम.आई. से हिन्दी भाषा और साहित्य में स्नातकोत्तर की परीक्षा प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण की। वहीं से विधि की पढ़ाई पूरी की और उत्तर भारत के विख्यात सन्त कवि दादूदयाल के रचना-संसार पर डाक्टरेट पूरी की। आपातकालीन ज़्यादतियों के ख़िलाफ़ आन्दोलन, जेलयात्रा। चार दशकों से पत्रकारिता। कई प्रतिष्ठित दैनिक समाचारपत्रों में शीर्ष ज़िम्मेदारियाँ सँभालने के बाद इस समय लखनऊ में जनसन्देश टाइम्स के प्रधान सम्पादक के रूप में कार्यरत। मासिक साहित्यिक पत्रिका ‘समकालीन सरोकार’ का एक वर्ष तक सम्पादन। दो कविता संग्रह’ सलीब पर सच’ और ‘मूर्तियों के जंगल में’, एक निबन्ध संग्रह ‘जाग मछन्दर जाग’, संस्मरण एवं आलोचनात्मक लेखों का एक संग्रह ‘अँधेरे के पार’ और ‘दिगम्बर विद्रोहिणी अक्क महादेवी’ प्रकाशित। नयी धारा रचना सम्मान, माटी रतन सम्मान एवं देवेन्द्र कुमार बंगाली स्मृति कविता सम्मान, स्पन्दन कृति आलोचना सम्मान से सम्मानित ।


AATMASAMBHAVA AANDAL (Criticism)
by Subhash Rai

Additional information

Author

Subhash Rai

Binding

Paperback

Language

Hindi

ISBN

978-93-6201-762-8

Pages

432

Publication date

10-01-2026

Publisher

Setu Prakashan Samuh

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