Prasang Apbhransh Edited by Kumar Mangalam
₹600.00 Original price was: ₹600.00.₹480.00Current price is: ₹480.00.
प्रसंग अपभ्रंश : सम्पादन – कुमार मंगलम
अपभ्रंश, यात्रा, ज्ञान, अध्ययन का चयन
अपभ्रंश भारतीय आर्य भाषा परिवार की महत्त्वपूर्ण और समृद्ध भाषा है। अपभ्रंश का विपुल साहित्य इसके महत्त्व को स्थापित करती है। अपभ्रंश के लिए पुराने संस्कृत पाठों में अपभ्रष्ट और अपभ्रंश एवं प्राकृत-अपभ्रंश ग्रन्थों में अवब्भंस, अवहंस, अवहत्थ, अवाहट्ठ, अवहठ, अवहट इत्यादि नाम प्राप्त होते हैं। सरहपा, कण्हपा, स्वयम्भू, पुष्पदन्त, धनपाल, रयधू, अब्दुर्रहमान, जोइन्दु, रामसिंह, हेमचन्द्र से लेकर उत्तरवर्ती अपभ्रंश यानी अवहट्ट के लेखक विद्यापति तक अपभ्रंश के मान्य रचनाकार हैं। डॉ. नामवर सिंह के अनुसार, “ अपभ्रंश ही वह आर्य भाषा है जो ईसा की लगभग सातवीं शताब्दी से तेरहवीं शताब्दी तक सम्पूर्ण उत्तर भारत की सामान्य लोक-जीवन के परस्पर भाव-विनिमय और व्यवहार की बोली रही है।”
— भूमिका से
In stock
Reviews
There are no reviews yet.