Description
शिक्षा शास्त्र एक पहिए पर चल नहीं सकेगी। दूसरा पहिया माँ-बाप का है। जब तक यह बात माँ-बापों तक पहुँचाई नहीं जाएगी, और जब तक इस काम में उनका पूरा-पूरा सहयोग नहीं मिलेगा, तक तक यह कार्य सफल नहीं हो पायेगा।
About the Author:
देश के अग्रणी बाल शिक्षाविद। मोंटेसरी-पद्धति के सिद्धांतों को आत्मसात किया, उन्हें भारतीय संदर्भों में अधिक प्रभावी बनाया तथा आयुवर्ग के अनुसार बालकों के लिए अनेकानेक रोचक गतिविधियों का सूत्रपात किया।






























Reviews
There are no reviews yet.