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Saleeb Par Shiksha – Shatrughan Prasad Singh

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सलीब पर शिक्षा- शत्रुघ्न प्रसाद सिंह


श्री शत्रुघन प्रसाद सिंह द्वारा लिखित ‘सलीब पर शिक्षा’ पुस्तक संविधान-विरोधी राजनीतिक के साथ खड़े या आजादी की लड़ाई के दौरान चले दो समानांतर शैक्षिक-विमर्शों –जाति- विरोधी विमर्श व साम्राज्यवाद-विरोधी विमर्श से प्रेरित बाबासाहेब डॉ. अंबेडकर के नेतृव में भारत की संविधान सभा द्वारा बनाए गए संप्रभु समाजवादी धर्मनिरपेक्ष लोकतान्त्रिक गणराज्य के ऐतिहासिक संविधान के साथ।


लोकतन्त्र की सभी स्थापित परम्पराओं को तोड़ते हुए राष्ट्रीय शिक्षा नीति, 2020 को संसद या सम्बन्धित किसी भी संसदीय समिति के सामने कभी पेश ही नहीं किया गया। 29 जुलाई 2020 को अचानक इसे केन्द्रीय मन्त्रिमण्डल ने स्वीकृति देकर पूरे देश में लागू कर दिया। जबकि यह गौरतलब है कि माननीय प्रधानमन्त्री समेत केन्द्रीय मन्त्रिमण्डल के सभी सदस्यों ने संविधान की शपथ ली है।
आपको देश के शिक्षक आन्दोलन के वरिष्ठ व परिपक्व नेतृत्व में गिने जाने वाले पूर्व सांसद और बिहार माध्यमिक शिक्षक संघ के श्री शत्रुघ्न प्रसाद सिंह द्वारा लिखित ‘सलीब पर शिक्षा’ पुस्तक को पढ़कर तय करना है कि आप रा.शि.नी., 2020 की संविधान-विरोधी राजनीति के साथ खड़े होंगे या आज़ादी की लड़ाई के दौरान चले दो समानान्तर शैक्षिक विमर्शों- जाति-विरोधी विमर्श व साम्राज्यवाद-विरोधी विमर्श से प्रेरित बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर के नेतृत्व में भारत की संविधान सभा द्वारा बनाये गये सम्प्रभु समाजवादी धर्मनिरपेक्ष लोकतान्त्रिक गणराज्य के ऐतिहासिक संविधान के साथ !
– अनिल सद्गोपाल

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Description

Saleeb Par Shiksha By Shatrughan Prasad Singh


आपको यह जानकर ताज्जुब नहीं होना चाहिए कि दुनिया के विकसित देश अमेरिका, कनाड़ा, ब्रिटेन, फ्रांस, जर्मनी, रूस, फिनलैंड में अमीर-गरीब सबों के लिए समाज विद्यालय चल रहे हैं और शिक्षकों को समान कार्य के लिए समान वेतन प्राप्त हो रहा है।
इस आर्थिक नीति में ज्ञान के सृजन, सम्प्रेषण और वितरण पर भी बाजार का कब्जा हो गया है। विद्यालयों में नौनिहालों के भविष्य के साथ संसद में बैठे नीति नियन्ता खिलवाड़ कर रहे हैं। नौकरशाही, राजनेता के चक्रव्यूह में अभिमन्यु का रोज वध किया जा रहा है। सत्ता में बैठे धृतराष्ट्र शिक्षा रूपी द्रौपदी का चीरहरण टुकुर-टुकुर देख रहे हैं। काले धन की समानान्तर अर्थव्यवस्था चलाने वाले मुनाफाखोर अब सरस्वती को शीश महल में कैद कर रहे हैं।
– इसी पुस्तक से

Saleeb Par Shiksha – Shatrughan Prasad Singh


About The Author
शत्रुघ्न प्रसाद सिंह
जन्म : 1 जनवरी 1943 लोकसभा और बिहार विधान परिषद के अतिरिक्त कई संस्थाओं और समितियों के सदस्य रहे। राजनीतिक सक्रियता के अलावा विभिन्न साहित्यिक, सामाजिक गतिविधियों में भी सक्रिय रूप से भागीदार रहे।
शिक्षा : स्नातक (हिन्दी प्रतिष्ठा), गणेश दत्त कॉलेज, बेगूसराय, बिहार।
सेवा : बी.एन. उच्च विद्यालय, तेयाय (बेगूसराय) में अध्यापक । अवधेश आवासीय उच्च विद्यालय, सफापुर, बेगूसराय में प्रधानाध्यापक ।
अभिरुचि : समसामयिक विषयों पर निरन्तर लेखन।
पुस्तकें : और कारवाँ बनता गया, तेरी रहबरी का सवाल है, सलीब पर शिक्षा


Additional information

ISBN

9789395160384

Author

Shatrughan Prasad Singh

Binding

Paperback

Pages

160

Imprint

Setu Prakashan

Language

Hindi

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