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Shuddhipatra – Neelakshi Singh

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शुद्धिपत्र – नीलाक्षी सिंह


मौजूदा समय के समाज और संस्कृति सम्बन्धी सरोकारों की कथा है- शुद्धिपत्र। इसका ताना-बाना आधुनिक मनुष्यों के निजी सन्दर्भों, मूल्यबोधों की सीमा के भीतर संघर्षरत आम आदमी के अन्तर्द्वन्द्वों एवं घात-संघात से निर्मित है।
‘शुद्धिपत्र’ नीलाक्षी सिंह का ऐसा उपन्यास है जो वर्तमान समय में मनुष्य की भावनाओं-संवेदनाओं की खुले बाजार में मार्केटिंग करने वाली प्रवृत्तियों पर प्रश्न खड़े करती है। यद्यपि जीवन में उसकी सम्भावना से और सम्भाव्यता से इंकार भी नहीं करती है। आधुनिक जीवन और उसमें भी खुले बाजार की आर्थिक व्यवस्था के बाद की दुनिया जितनी तेजी से बदल रही है, उसमें मनुष्य सदैव उससे कदमताल नहीं कर पा रहा। अतः जो विडम्बना और संत्रास मानव जीवन में उपस्थित हो रहा है- वही उपन्यास की आयतन है।
उपन्यास समसामयिक सरोकारों की दुनिया में प्राप्त और अप्राप्त के बीच बहस से अपने सन्दर्भ पाता है। स्त्री-देह को बाजारू उत्पादों में ढलने की कसमसाहट को रेखांकित करता है।
इस उपन्यास की एक बड़ी विशेषता है उसकी भाषा। नीलाक्षी सिंह अपने नये जीवन अनुभवों की संश्लिष्टता के अनुरूप एक सार्थक, अर्थगर्भी और संश्लिष्ट भाषा अर्जित करती हैं। वह परम्परागत भाषा में विक्षेप उत्पन्न करती हैं, जिससे अर्थ का विन्यास निर्मित होता है।
अब यह उपन्यास सेतु प्रकाशन से नये आकार और साज-सज्जा के साथ आ रहा है। आशा है पाठकों से इसे पूर्ववत् स्नेह मिलता रहेगा।


शुद्धिपत्र नीलाक्षी सिंह का ऐसा उपन्यास है जो वर्तमान समय में मनुष्य की भावनाओं-संवेदनाओं की खुले बाजार में मार्केटिंग करने वाली प्रवृत्तियों पर प्रश्न खड़े करती है। जो विडम्बना और संत्रास मानव जीवन में उपस्थित हो रहा है-वही उपन्यास की आयतन है।


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Description

About the Author:

नीलाक्षी सिंह

जन्म : 17 मार्च 1978, हाजीपुर, बिहार प्रकाशन : परिंदे का इंतज़ार सा कुछ, जिनकी मुट्ठियों में सुराख़ था, जिसे जहाँ नहीं होना था, इब्तिदा के आगे ख़ाली ही (कहानी संग्रह); शुद्धिपत्र, खेला (उपन्यास) सम्मान : रमाकांत स्मृति सम्मान, कथा सम्मान, साहित्य अकादेमी स्वर्ण जयंती युवा पुरस्कार, प्रो. ओमप्रकाश मालवीय एवं भारती देवी स्मृति सम्मान और कलिंग बुक ऑफ़ बुक ऑफ़ द इयर 2020-21


Additional information

ISBN

9789393758224

Author

Neelakshi Singh

Binding

Paperback

Pages

256

Publication date

06-09-2022

Imprint

Setu Prakashan

Language

Hindi

1 review for Shuddhipatra – Neelakshi Singh

  1. Leena kumari

    बहुत सुंदर,
    धन्यवाद निलाक्षी जी।

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