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Jansankhya Ka Mithak By S.Y. Quraishi (Paperback)

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Jansankhya Ka Mithak By S.Y. Quraishi

‘जनसंख्या का मिथक’ — एस.वाई. कुरैशी (अनुवाद : हरिमोहन मिश्र)

प्रस्तुत पुस्तक एस.वाई. कुरैशी की चर्चित किताब The Population Myth का हिंदी अनुवाद है। जनसंख्या राजनीति के अधिकारी विद्वान एस.वाई. कुरैशी की किताब जनसंख्या का मिथक जनसंख्या के आँकड़ों को तोड़-मरोड़कर पेश करने की दक्षिणपन्थी चालबाजी का पर्दा फाश करती है; इस कुचक्र के चलते ही बहुसंख्यकों में जनसांख्यिकी संरचना और स्वरूप को लेकर शक और भय पैदा होते हैं। लेखक ने तथ्यों और आँकड़ों के ज़रिये यह दर्शाया है कि इस तरह की शंका और डर बेबुनियाद हैं और नियोजित जनसंख्या नीति सभी समुदायों के हित में हैं।


‘जनसंख्या का मिथक’ जनसंख्या के आँकड़ों को तोड़-मरोड़कर पेश करने की दक्षिणपन्थी चालबाज़ी का पर्दाफाश करती है; इस कुचक्र के चलते ही बहुसंख्यकों में जनसांख्यिकी संरचना और स्वरूप को लेकर शक और भय पैदा होते हैं। इस पुस्तक के लेखक एस.वाई. कुरैशी ने तथ्यों और आँकड़ों के ज़रिये यह दर्शाया है कि इस तरह की शंका और डर बेबुनियाद हैं और नियोजित जनसंख्या नीति सभी समुदायों के हित में है।
यह किताब कुरान और हदीस के हवाले से यह बताती है कि इस्लाम का छोटे परिवार का विरोधी होना तो दूर, उलटे वह छोटे परिवार की अवधारणा का बढ़-चढ़कर हिमायती है। यही वजह है कि आज अनेक इस्लामी देशों में जनसंख्या नियोजन की नीति लागू है। यह किताब इस मिथ की भी हवा निकाल देती है कि मुस्लिम, मज़हबी बिना पर परिवार नियोजन नहीं अपनाते। गहन और प्रामाणिक शोध पर आधारित यह पुस्तक एक ऐसे लेखक ने लिखी है जो जनसंख्या राजनीति के बारे में अधिकारी विद्वान माने जाते हैं।


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Description

About the Author:

एस.वाई. कुरैशी भारतीय प्रशासकीय सेवा में 1971 में जुड़े और देश के 17वें मुख्य चुनाव आयुक्त बने। उन्होंने कई चुनाव सुधार की शुरुआत की। उन्होंने मतदाता शिक्षा विभाग, ख़र्च निगरानी विभाग, इण्डिया इण्टरनेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ़ डेमोक्रेसी एण्ड इलेक्शन मैनेजमेण्ट का गठन किया और राष्ट्रीय मतदाता दिवस की शुरुआत की। अक्टूबर 2017 में उन्हें कोफी अन्नान के साथ स्टॉकहोम में इण्टरनेशनल आईडीईए (इंस्टीट्यूट ऑफ़ डेमोक्रेसी एण्ड इलेक्टोरल असिस्टेंस) में लोकतन्त्र का एम्बेसेडर नियुक्त किया गया। वे ‘एन अनडाक्यूमेण्टेड वण्डर : द मेकिंग ऑफ़ ग्रेट इण्डियन इलेक्शन’ (2000) के लेखक हैं। उन्होंने ‘द ग्रेट मार्च ऑफ़ डेमोक्रेसी सेवन डिकेड्स ऑफ़ इण्डिया ‘ज इलेक्शन्स’ (2019) का सम्पादन किया है।


Additional information

ISBN

9789393758620

Author

S.Y. Quraishi

Binding

Paperback

Pages

368

Publication date

19-05-2022

Publisher

Setu Prakashan Samuh

Imprint

Setu Prakashan

Language

Hindi

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