Purbi Bayar By Sanjeev (Paperback)

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Purbi Bayar By Sanjeev (Paperback)
‘पुरबी बयार’, पुरबिया के जनक माने जाने वाले महेन्दर मिसिर के जीवनकाल पर आधारित उपन्यास है। उपन्यासकार संजीव ने ‘सत्य के गिर्द लताओं की तरह लिपटी अनेक कथाओं में अक्सर उलझती’ कथा को विवेकपूर्ण तार्किकता से बुना है।

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‘पुरबी बयार’, पुरबिया के जनक माने जाने वाले महेन्दर मिसिर के जीवनकाल पर आधारित उपन्यास है। उपन्यासकार संजीव ने ‘सत्य के गिर्द लताओं की तरह लिपटी अनेक कथाओं में अक्सर उलझती’ कथा को विवेकपूर्ण तार्किकता से बुना है। इस कथा में महेन्दर के साथ दूसरे चरित्र भी बहुत शक्ति और लेखकीय विशवास के साथ आए हैं।

About Author

संजीव, 6 जुलाई, 1947, सुल्तानपुर (उत्तर प्रदेश) के बाँगरकलाँ गाँव में। कार्यक्षेत्र : 38 वर्षों तक रासायनिक प्रयोगशाला में कार्य करने के बाद स्वतंत्र लेखन, 7 वर्षों तक हंस समेत अनेक पत्रिकाओं के संपादन एवं स्तंभलेखन का कार्य। अपने शोधपरक लेखन व वर्जित विषयों पर लिखे गये साहित्य के लिए ख्यात। लगभग 150 कहानियाँ व 14 उपन्यास प्रकाशित। प्रमुख कृतियाँ : तीस साल का सफरनामा, आप यहाँ हैं, भूमिका और अन्य कहानियाँ, दुनिया की सबसे हसीन औरत, प्रेतमुक्ति, प्रेरणास्त्रोत और अन्य कहानियाँ, ब्लैक होल, खोज, दस कहानियाँ, गति का पहला सिद्धांत, गुफा का आदमी, आरोहण (कहानी संग्रह); किशनगढ़ के अहेरी, सर्कस, सावधान ! नीचे आग है, धार, पाँव तले की दूब, जंगल जहाँ शुरू होता है, सूत्रधार, आकाश चम्पा, अहेर, फाँस, प्रत्यंचा, मुझे पहचानो और पुरबी बयार (उपन्यास), रानी की सराय (किशोर उपन्यास), डायन और अन्य कहानियाँ (बाल-साहित्य)। पुरस्कार : कथाक्रम सम्मान, अन्तरराष्ट्रीय इंदु शर्मा सम्मान, भिखारी ठाकुर सम्मान, पहल सम्मान, सुधा-स्मृति सम्मान, इफको का श्री लाल शुक्ल स्मृति साहित्य सम्मान।

SKU: purbi-bayar-Paperback
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ISBN

9789391277544

Author

Sanjeev

Binding

Paperback

Pages

200

Publisher

Setu Prakashan Samuh

Imprint

Setu Prakashan

Language

Hindi

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