Menu Close

Shop

Sale!

Saanwali Ladki Ki Diary by Amita Neerav

Rated 5.00 out of 5 based on 2 customer ratings
(2 customer reviews)

Original price was: ₹425.00.Current price is: ₹361.00.

In stock

Wishlist
SKU: Saanwali Ladki Ki Diary-PB Category: Tags: , , , ,

Description

Saanwali Ladki Ki Diary by Amita Neerav

अमिता नीरव का नया उपन्यास साँवली लड़की की डायरी सुन्दरता के एक खूब प्रचलित मानक को प्रश्नांकित करता है। यों तो इस उपन्यास को सत्तर के दशक के उत्तरार्द्ध से लेकर नब्बे की शुरुआत से थोड़ा पहले तक के कालखण्ड में एक मध्यवर्गीय नौकरीपेशा परिवार के जीवन-अक्स की तरह भी पढ़ा जा सकता है जहाँ कोई खास उतार-चढ़ाव नहीं है; लेखिका ने छोटे- छोटे, सादे किस्सों के जरिये मध्यवर्गीय जीवन और संयुक्त परिवार का एक अक्स रचा है। इस आख्यान में व्यथा का कोई गाढ़ा रंग है तो वह है एक लड़की का साँवली होना । साँवली होने के कारण, कमतरी का अहसास हमेशा के लिए उसकी चेतना पर छा जाता है। इस तरह यह उपन्यास व्यक्तित्व विकास के सूत्रों की तलाश करते हुए, या उस तलाश के बहाने, समाज की भी पड़ताल है। यही उद्यम इस उपन्यास को अलग और खास बनाता है।

Additional information

ISBN

9788119127665

Author

Amita Neerav

Binding

Paperback

Pages

304

Publisher

Setu Prakashan Samuh

Publication date

27 September 2023

Language

Hindi

2 reviews for Saanwali Ladki Ki Diary by Amita Neerav

  1. Rated 5 out of 5

    डॉ राजेश दीक्षित

    बहुत सरल लेकिन सरस भाषा -शैली में लिखा गया मार्मिक उपन्यास जो 80-90 के दशक के तात्कालिक समाज,मनोविज्ञान, मानसिकता
    और सांस्कृतिक वातावरण को दर्शाता है। भारतीय समाज में रूप-रंग के पूर्वाग्रहों का किसी व्यक्ति पर क्या प्रभाव पड़ता है और कैसे वह इससे जूझता है,इसका सहज मनोवैज्ञानिक चित्रण।

  2. Rated 5 out of 5

    Leena kumari

    अच्छी भाषा ।

Add a review

You may also like…

  • Do Gaz Ki Duri By Mamta Kalia-Paperback

    Original price was: ₹199.00.Current price is: ₹169.00.

    दो गज़ की दूरी’ वरिष्ठ कहानीकार ममता कालिया का नवीन कहानी-संग्रह है।इन कहानियों की विशेषता इनकी सहजता और सरलता है। ये अपनी संवेदनात्मक संरचना में से होते-होते दृश्यों, कथनों, अतिपरिचित मनोभावों के सहारे आगे बढ़ती हैं। ममता कालिया व्यंग्य नहीं, विडम्बना के सहारे आज के जीवन की अर्थहीनता को तलाशती हैं।

    Kindle E-Book Also Available
    Available on Amazon Kindle

  • SWARMUDRA 1 & 2 (SET) – ASHOK VAJPEYISWARMUDRA 1 & 2 (SET) – ASHOK VAJPEYI

    400.00

    हम अपनी पत्रिका स्वरमुद्रा के इस बृहत् विशेषांक के माध्यम से यही करने की कोशिश कर रहे हैं। उनके संगीत ने अपनी रसिकता के परिसर में सिर्फ़ संगीत प्रेमियों और संगीतवेत्ताओं को ही नहीं, अनेक अन्य अनुशासनों के समर्थ प्रयोक्ताओं को भी शामिल और रसरंजित किया था।

  • Kit Kit By Anu Shakti SinghKit Kit By Anu Shakti Singh

    Original price was: ₹249.00.Current price is: ₹212.00.

    मन की नदियों, हवाओं, चुप्पियों, कथाओं को रचना
    में रूप देने के लिए रियाज़ के साथ आत्मसंयम व
    कलात्मक अभिव्यक्ति का सन्तुलन वांछित होता है,
    तब एक रचना अपना प्रसव ग्रहण करने को उन्मुख
    होती है। जो कलाकार इस गहरे बोध से परिचित होते हैं
    वे गति से अधिक लय को भाषा में समाने का इन्तज़ार
    करते उसे अपना रूप लेने देते हैं। लय, जो अपनी
    लयहीनता में बेहद गहरे और अकथनीय अनुभव ग्रहण
    करती है उसे भाषा में उतार पाना ही कलाकार की
    असल सिद्धि है। अणु शक्ति ने अपने इस नॉवल में
    टीस की वह शहतीर उतरने दी है। यह उनके कथाकार
    की सार्थकता है कि नॉवल में तीन पात्रों की घुलनशील
    नियति के भीतर की कशमकश को उन्होंने दृश्य बन
    कहन होने दिया है। स्त्री, पर-स्त्री, पुरुष, पर-पुरुष,
    इनको हर बार कला में अपना बीहड़ जीते व्यक्त करने
    का प्रयास होता रहा। हर बार रचना में कुछ अनकही
    अनसुनी कतरनें छितराती रही हैं। वहाँ प्रेम और
    अकेलापन अपने रसायन में कभी उमड़ते हैं कभी
    घुमड़कर अपनी ठण्ड में किसी अन्त में चुप समा जाते
    हैं। अणु शक्ति इन मन:स्थितियों को बेहद कुशलता से
    भाषा में उतरने देती हैं व अपनी पकड़ को भी अदृश्य
    रखने में निष्णात साबित हुई हैं।

    Buy This Book Instantly thru RazorPay
    (15% + 5% Extra Discount Included)

    Kindle E-Book Also Available
    Available on Amazon Kindle

  • Baloo Retwa By Pratap GopendraBaloo Retwa By Pratap Gopendra

    Original price was: ₹425.00.Current price is: ₹361.00.

    Baloo Retwa By Pratap Gopendra बालू रेतवा हिन्दी के उन विरल उपन्यासों में एक है जिनकी सबसे बड़ी खूबी आंचलिकता है। इस तरह यह उपन्यास इस बात का एक और प्रमाण है कि रेणु के ‘मैला आँचल’ से हिन्दी में आंचलिकता की जो धारा शुरू हुई थी वह सूखी नहीं है बल्कि समय-समय ऐसे कथाकार […]

Jinna - Hindi