Description
Khaki Aakhyan – Shailendra Sagar
About the Author:
शैलेन्द्र सागर
जन्म : 5 अप्रैल 1951 को रामपुर उ.प्र. में।
अँग्रेजी साहित्य में एम.ए. करने के बाद महाविद्यालय में अध्यापन। 1974 में उ.प्र. राज्य प्रशासनिक सेवा में और 1976 में आई.पी.एस. में चयन। पुलिस के शीर्ष पद पुलिस महानिदेशक पद से सेवानिवृत्त ।
सराहनीय सेवाओं के लिए भारत सरकार व उत्कृष्ट सेवाओं के लिए राष्ट्रपति के पुलिस पदक से सम्मानित । भारत सरकार द्वारा वीरता के पुलिस पदक से दो बार पुरस्कृत ।
वरिष्ठ व जाने-माने लेखक। अब तक पाँच उपन्यास (‘चतुरंग’, ‘चलो दोस्त सब ठीक है’, ‘एक सुबह यह भी’, ‘ये इश्क नहीं आसां…’ और ‘तूतियों का तुमुलनाद’), आठ कहानी संग्रह और एक स्मृति आख्यान ‘फिर मुझे राहगुजर याद आया’ प्रकाशित । स्त्री विमर्श पर दो पुस्तकों एवं ‘उत्तर समय की प्रेम कहानियाँ’ का सम्पादन ।
कहानी संग्रह ‘माटी’ पर विजय वर्मा सम्मान। उ.प्र. हिन्दी संस्थान द्वारा उपन्यास ‘चलो दोस्त सब ठीक है’ पर प्रेमचन्द सम्मान एवं ‘एक सुबह यह भी’ पर अमृतलाल नागर सम्मान। कथाक्रम पत्रिका पर उ.प्र. हिन्दी संस्थान का सरस्वती सम्मान ।
वर्ष 2013 में उ.प्र. हिन्दी संस्थान द्वारा साहित्य भूषण सम्मान से समादृत।
1998 से साहित्यिक त्रैमासिकी ‘कथाक्रम’ का नियमित सम्पादन ।


































Reviews
There are no reviews yet.