Rang Tera Mere Aage – Kailash Banwasi (Paperback)

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‘रंग तेरा मेरे आगे’ – कैलाश बनवासी

बेहिसाब मज़हबी नफ़रत और हिंसा के इस दौर में जब प्रेम जैसी कोमल भावनाओं को भी जिहाद में तब्दील कर दिया जा रहा है, तब कैलाश बनवासी के इस नये उपन्यास रंग तेरा मेरे आगे में आद्योपांत प्रवाहित अयाचित और अपरिभाषित प्रेम का व्यक्तित्व के पोर-पोर में प्रस्फुटित हो उठने का अहसास अत्यंत कोमल और मर्मस्पर्शी और अप्रत्याशित है।…


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Description

Rang Tera Mere Aage – Kailash Banwasi

About the Author:

जन्म : 10 मार्च, 1965, दुर्ग शिक्षा : बी.एस-सी.(गणित), एम.ए. (अंग्रेजी साहित्य), बी.एड.। 1984 के आसपास लिखना शुरू किया। आरंभ में बच्चों और किशोरों के लिए लेखन। कृतियाँ : सत्तर से भी अधिक कहानियाँ देश की विभिन्न प्रतिष्ठित पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित। लक्ष्य तथा अन्य कहानियाँ (1993), बाजार में रामधन (2004), पीले कागज की उजली इबारत (2008), प्रकोप तथा अन्य कहानियाँ (2015), जादू टूटता है, कविता, पेंटिंग पेड़ कुछ नहीं (2019) (कहानी संग्रह); लौटना नहीं है (उपन्यास); कहानियाँ विभिन्न भाषाओं में अनूदित; सम-सामयिक घटनाओं तथा सिनेमा पर भी जब-तव लेखन। पुरस्कार : प्रेमचंद स्मृति कथा सम्मान (2010), वनमाली कथा सम्मान (2014), गायत्री कथा सम्मान (2016) आदि अनेक पुरस्कारों से सम्मानित।

Additional information

ISBN

9789392228117

Author

Kailash Banwasi

Binding

Paperback

Pages

336

Publication date

24-04-2022

Publisher

Setu Prakashan Samuh

Imprint

Setu Prakashan

Language

Hindi

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