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Ansari Ki Maut Ki Ajeeb Dastan By Anjali Deshpande (Paperback)

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अंसारी की मौत की अजीब दास्तान – अंजली देशपांडे


समय और काल के गहरे बोध से निर्मित अंजली देशपांडे की कहानियाँ गहरे द्वैत से निर्मित हैं। यह समय और काल हमें मशीन बना रहा है या हम मशीन बन कर समय और काल को ज्यादा विकृत कर रहे हैं। मशीन रूपी दिल ने अंसारी का ज्यादा नुकसान किया या व्यवस्था के भीतर मशीन हो गये इनसानों ने यह कहना बहुत मुश्किल है। संग्रह की कहानियों से जब पाठक गुजरता है, तब बहुत बार हृदय के विविध रूपों को देखता है। ‘अंसारी की मौत की अजीब दास्तान’ हो या ‘धुंआरी आँखें’ हों या रामचंद्र का श्रद्धा से नत हृदय हो। यह आधुनिक जीवन में मनुष्यता के छीजने के कारण है। विडंबनात्मक रूप में यह उसके छीजने की कहानी है पर प्रकारांतर से उस छीजने से उत्पन्न तड़प की। एक बात यहाँ और भी ध्यान देने की है। समय और काल में हम सामाजिक के रूप में फँसे हैं; पर लेखक की प्रतिबद्धता इन कहानियों को एक निश्चित कोण प्रदान करती है। कहानी की संरचना में इस बात का भी विशेष महत्त्व है। एक स्तर पर गहरी विसंगतियों-विडंबनाओं को धारण करती ये कहानियाँ लेखकीय दृष्टिकोण के कारण जनता की तरफदार बन जाती हैं। अतः ये कहानियाँ मानवीयता के स्खलन के समानांतर एक प्रतिपक्ष भी निर्मित करती हैं। समाज में अन्याय के अनेक रूपों को ये कहानियाँ उजागर करती हैं, खासतौर से स्त्रियों के प्रति होने वाले अन्याय को।


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Description


“उसका नाम अहमद अंसारी है, सर। बीवी हिंदू है। सुनीता। मामला सचमुच सीरियस है।” पुलिस आयुक्त ने फ़ोन के चोगे को बताया।
चोगे से हुंकार निकली। ” हूँऽऽऽ हूँऽऽऽ, शक के पुख्ता आधार हैं।”
“उसकी बीवी ने बम होने की पुष्टि कर दी है, सर।” पुलिस आयुक्त ने फिर से फ़ोन के चोगे को बताया। “उसने तो एक फ़ोन भी कर दिया था मगर हमारे मुस्तैद सिपाहियों ने बात पूरी होने नहीं दी और उसका मोबाइल छीन लिया। हम उस नंबर को अब ट्रेस कर रहे हैं जिस पर उसने फ़ोन किया…”
“मोबाइल को तो उसी समय छीन लेना चाहिए था जब उन्हें थिएटर के बाहर पकड़ा गया था।” विशेष कोष्ठक के मुखिया ने विद्रूप से मुस्कराते हुए कहा।
तभी बम निस्तारण दस्ते के नेता ने बैरक से बम निस्तारण दस्ते के प्रमुख को फ़ोन किया।
“सर यह बेहद गंभीर मामला है।” उसने कहा। “उसके पास जैसा बम है उससे हम परिचित ही नहीं हैं। कहता है वह उसके दिल के अंदर है। एक बेल्ट भी है जिसमें बैटरी है जिससे वह चार्ज होता है…”

– इसी पुस्तक से


About The Author

अंजली देशपांडे
अनेक आंदोलनों से जुड़ी और पत्रकार रहीं अंजली देशपांडे के दो उपन्यास छप चुके हैं। भोपाल गैस त्रासदी की पृष्ठभूमि में पहला उपन्यास अँग्रेज़ी में, ‘इंपीच्मेंट’ शीर्षक से ‘हशेट इंडिया’ ने और हिंदी में ‘महाभियोग’ शीर्षक से राजकमल प्रकाशन ने छापा। दूसरा उपन्यास ‘हत्या’ राजपाल एंड संस से प्रकाशित । रुचियों के आधिक्य से साधनों का मेल बिठाने में जुटी, पति के साथ दिल्ली में रहती हैं और आजकल कौओं से चोंच लड़ा रही हैं। यह उनका पहला कहानी संकलन है।


Additional information

ISBN

9788194172468

Author

Anjali Deshpande

Binding

Paperback

Pages

232

Publisher

Setu Prakashan Samuh

Imprint

Setu Prakashan

Language

Hindi

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